ब्रेकिंग
खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी आरक्षण, गरीबी और उपेक्षा: हाशिए पर खड़ा सवर्ण समाज कब तक सहेगा चुप्पी का दर्द : महिपाल मकवाना ग्वालियर यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने ढाया कहर, ऑटो मे मारी टक्कर ऑटो पलटने से तीन... भोपाल एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी, भोपाल अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में विशेष अभियान लापरवाही पर अफसरों की होगी जवाबदेही तय मुरैना: एसपी धर्मराज मीना की मानवीय पहल, बीमार मां के इलाज के लिए दिए ₹1 लाख सरकारी योजनाओं पर लग रहा पलीता: धरातल पर दम तोड़ रही जनहितैषी नीतियां
मध्यप्रदेश

400 साल बाद सिंधी समाज ने छोड़ा गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ

भोपाल । पूज्य सिंधी समाज के मंदिरों में पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ पिछले 400 सालों से हो रहा था। सिंधी समुदाय के लोग इस ग्रंथ का बड़ी श्रद्धा के साथ पाठ करते थे।
कुछ माह पूर्व इंदौर में हथियारबंद निहंग सिख पहुंचे थे। उन्होंने गुरु ग्रंथ साहब के पाठ को लेकर कड़ी आपत्ति जताई। निहंग सिख कई सिंधी मंदिरों में जबरिया घुसकर गुरु ग्रंथ साहब की बेअदबी का आरोप लगा रहे थे। गुरु ग्रन्थ साहिब की मर्यादा और मंदिरों से देवी-देवताओं की मूर्तियां हटाने का आदेश निहंग सिख दे रहे थे।
इसके बाद अखिल भारतीय सिंधी संत सम्मेलन,जो अमरावती में हुआ था। उसमें निर्णय लिया गया, अब गुरु ग्रंथ साहब की तर्ज पर सिंधी समाज सनातनी आदि ग्रंथ की रचना करेगा।
अमरावती सम्मेलन से लौटने के बाद समाज के महंत तुलसीदास उदासी जी ने कहा, सिंधी समाज ने अपनी पूजा पद्धति बदलने का फैसला लिया है। लगभग 400 साल के बाद सिंधी मंदिरों से गुरु ग्रंथ साहब को पास के गुरुद्वारों में श्रद्धा के साथ सौंपने की प्रक्रिया भी की गई है।

Related Articles

Back to top button