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ज्ञान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले बृहस्पतिवार को करें ये काम

 हिंदू धर्म में हर दिन किसी न किसी देवी देवता की पूजा को समर्पित किया गया है वही हफ्ते का चौथा दिन यानी की गुरुवार जगत के पालनहार श्री हरि विष्णु की आराधना के लिए उत्तम माना गया है।
मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की अगर विधिवत पूजा और व्रत किया जाए तो लाभ मिलता है ऐसे में हर कोई आज के दिन श्री नारायण को प्रसन्न करने के तरीके व उपाय खोजता है।
अगर आप भी भगवान विष्णु कृपा व आशीष के अभिलाषी है तो ऐसे में बृहस्पतिवार के दिन पास के किसी भी मंदिर मे जाकर भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करें इसके बाद भगवान की प्रतिमा के समीप बैठकर हरि स्तुति का पाठ भक्ति पूर्ण तरीके से करें और अंत में ज्ञान प्राप्ति की इच्छा भगवान से कहें मान्यता है कि इससे आपको लाभ जरूर प्राप्त होगा।

हरि स्तुति-

जय जय सुरनायक जन सुखदायक प्रनतपाल भगवंता।
गो द्विज हितकारी जय असुरारी सिधुंसुता प्रिय कंता।।
पालन सुर धरनी अद्भुत करनी मरम न जानइ कोई।
जो सहज कृपाला दीनदयाला करउ अनुग्रह सोई।।
जय जय अबिनासी सब घट बासी ब्यापक परमानंदा।
अबिगत गोतीतं चरित पुनीतं मायारहित मुकुंदा।।
जेहि लागि बिरागी अति अनुरागी बिगतमोह मुनिबृंदा।
निसि बासर ध्यावहिं गुन गन गावहिं जयति सच्चिदानंदा।।
जेहिं सृष्टि उपाई त्रिबिध बनाई संग सहाय न दूजा।

सो करउ अघारी चिंत हमारी जानिअ भगति न पूजा।।
जो भव भय भंजन मुनि मन रंजन गंजन बिपति बरूथा।
मन बच क्रम बानी छाड़ि सयानी सरन सकल सुर जूथा।।
सारद श्रुति सेषा रिषय असेषा जा कहुँ कोउ नहि जाना।
जेहि दीन पिआरे बेद पुकारे द्रवउ सो श्रीभगवाना।।
भव बारिधि मंदर सब बिधि सुंदर गुनमंदिर सुखपुंजा।
मुनि सिद्ध सकल सुर परम भयातुर नमत नाथ पद कंजा।।

ऊँ नारायणाय विद्महे, वासुदेवाय धीमहि, तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।

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