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कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच हिमाचल सरकार ने  टेस्टिंग बढ़ाने का निर्णय लिया 

शिमला। कोरोना संक्रमण के विदेश में बढ़ते मामलों के मद्देनजर हिमाचल सरकार भी सतर्क हो गई है। राज्य में कोरोना टेस्टिंग बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त लोगों को जुकाम बुखार और वायरल को गंभीरता से लेने को कहा है। गुरुवार को शिमला स्थित राज्य सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए बैठक बुलाई है। प्रधान सचिव स्वास्थ्य सुभाशीष पंडा का कहना है कि राज्य में कोरोना संक्रमण की जांच करने के लिए आमतौर पर 500 से 1000 तक टेस्टिंग हो रही है। संक्रमण के मामले 10 से कम आ रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग फिर से टेस्टिंग को बढ़ाएगा।

उन्होंने कहा कि सर्दियां में लोग बचाव रखें ताकि बुखार न हो। उन्होंने कहा कि हमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से जीनोम सिक्वेंसिंग टेस्टिंग के लिए पत्र मिला है। प्रदेश में जो कोरोना संक्रमित लोग सामने आ रहे हैं उनमें संक्रमण का वायरस बहुत ही कम पाया जाता है। इसके बाद जीनोम सिक्वेंसिंग टेस्ट के लिए सैंपल भेजा नहीं जा सकता है क्योंकि जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए वायरस उचित स्तर पर होना चाहिए। प्रदेश में इसतरह का कोई मामले नहीं आ रहे हैं।

कोरोना संक्रमित होने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू दिल्ली स्थित हिमाचल सदन में आइसोलेट हैं।गुरुवार को चार दिन बाद उनका दुबारा कोरोना टेस्ट होगा। इसमें पता लगाया जाएगा कि संक्रमण की स्थिति क्या है। कोरोना प्रोटोकाल का पालन कर रहे मुख्यमंत्री चार दिनों से सदन में हैं और सात दिन तक उन्हें वहीं रहना पड़ सकता है। यदि उनकी रिपोर्ट सही आती है तब मुख्यमंत्री आगे का निर्णय ले सकते हैं।हिमाचल में कोरोना के मामले नाम मात्र हैं।

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