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उत्तरप्रदेश

लाख यात्रियों की जेब पर पड़ेगा बोझ, प्रतिदिन 17 लाख लोग बसों में सफर करते हैं

लखनऊ: मंत्री के साथ बैठक कर बसों का किराया बढ़ाने का प्रस्ताव भेज दिया गया है।पेट्रोल और डीजल के दाम भले न बढ़े हो लेकिन उत्तर प्रदेश परिवहन निगम अपने यात्रियों पर बोझ डालने की तैयारी में जुट गया है। बसों का किराया महंगा करने का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। शासन स्तर पर उसकी मंजूरी के लिए भी भेज दिया गया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद प्रति किलोमीटर यात्रा 20 पैस तक महंगा हो जाएगा। यानी अब 100 किलोमीटर पर जगह यात्री को 120 रुपए देने पड़ सकते है। बनारस और आगरा जैसे शहरों का किराया 70 से 100 रुपए बढ़ जाएगा। परिवहन निगम के प्रवक्ता अजीत सिंह का कहना है कि पिछले दिनों मंत्री के साथ बैठक में इसको लेकर चर्चा हो चुकी है।करीब 3 साल बाद बढ़ेगा किरायाबसों का किराया करीब 3 साल बाद बढ़ेगा। कोविड की वजह से दो साल से कोई प्रस्ताव नहीं गया था। अब जब प्रस्ताव गया है तो उसके लागू होने में करीब दो महीने लग जाएंगे। माना जा रहा है कि बढ़ा हुआ रेट जनवरी 2023 तक लागू हो सकता है। हालांकि अधिकारियों की मंशा है कि इसको नए साल से पहले लागू कर दिया जाए। जिससे कि मुनाफा बढ़ेगा।मरम्मत कराने में समस्या की बातशासन को भेजे गए रिपोर्ट में कहा गया है कि बसों के रख- रखाव का खर्च बढ़ गया है। स्थिति यह है कि डीजल और बसों के मेंटेनेंस कराने में बजट की समस्या खड़ी हो रही हैं। इससे उभरने के लिए यह प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसका बोझ यूपी की जनता से लिया जाएगा।साल 2020 के बाद बसों का किराया नहीं बढ़ा है।1.05 पैसा प्रति किलोमीटर किराया लगता हैअभी तक 1.05 पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से यात्रियों से लिया जाता था। लेकिन, नई दर लागू होने के बाद ये 1.20 से 1.25 पैसे हो जाएगा। उप्र में परिवहन निगम की 11 हजार से ज्यादा बसे चलती हैं। इसमें प्रतिदिन करीब पांच लाख से ज्यादा लोग सफर करते है।

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