ब्रेकिंग
खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी आरक्षण, गरीबी और उपेक्षा: हाशिए पर खड़ा सवर्ण समाज कब तक सहेगा चुप्पी का दर्द : महिपाल मकवाना ग्वालियर यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने ढाया कहर, ऑटो मे मारी टक्कर ऑटो पलटने से तीन... भोपाल एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी, भोपाल अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में विशेष अभियान लापरवाही पर अफसरों की होगी जवाबदेही तय मुरैना: एसपी धर्मराज मीना की मानवीय पहल, बीमार मां के इलाज के लिए दिए ₹1 लाख सरकारी योजनाओं पर लग रहा पलीता: धरातल पर दम तोड़ रही जनहितैषी नीतियां
छत्तीसगढ़

कांकेर में तीन भालुओं ने आदिवासी नेता पर किया हमला,हमले में हुई मौत

छत्तीसगढ़ के कांकेर में एक बार फिर भालुओं ने उत्पात मचाना शुरू कर दिया है। तीन भालुओं ने मिलकर सोमवार देर शाम एक आदिवासी नेता की हत्या कर दी। भालुओं ने उनके माथे को नोंच लिया और पैर को काट डाला। आदिवासी नेता अपनी मवेशियों को चराने के लिए जंगल में गया था। सूचना मिलने के बाद पुलिस और वन विभाग की टीम ने शव बरामद कर लिया है। उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

जानकारी के मुताबिक हादसा भानुप्रतापपुर में बड़गांव थाना क्षेत्र के उरपांजुर गांव में हुआ है। गोंडवाना समाज के बड़गांव सर्किल अध्यक्ष गणेश ध्रुव मवेशियों और गायों को जंगल में चराने के लिए लेकर गए थे। बताया जा रहा है कि जंगल से लौटने के दौरान तीन भालुओं ने उन पर हमला कर दिया। इनमें एक मादा भालू और दो शावक शामिल थे। अचानक हुए हमले से गणेश ध्रुव को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

तीनों भालुओं ने मिलकर गणेश ध्रुव को बुरी तरह से मार दिया। उनके माथे को नोंच डाला और पैर को काट दिया। बताया जा रहा है कि काफी देर तक गणेश ध्रुव वहीं तड़पते रहे और फिर उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी मौत के बाद से अंदरूनी गांवों में दहशत का माहौल है। वन विभाग की ओर से लोगों को अलर्ट किया जा रहा है। वहीं भालुओं को भी आबादी क्षेत्र से हटाने के प्रयास जारी है। फिलहाल भालुओं का अभी पता नहीं है।

Related Articles

Back to top button