ब्रेकिंग
मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी आरक्षण, गरीबी और उपेक्षा: हाशिए पर खड़ा सवर्ण समाज कब तक सहेगा चुप्पी का दर्द : महिपाल मकवाना ग्वालियर यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने ढाया कहर, ऑटो मे मारी टक्कर ऑटो पलटने से तीन... भोपाल एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी, भोपाल अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में विशेष अभियान लापरवाही पर अफसरों की होगी जवाबदेही तय मुरैना: एसपी धर्मराज मीना की मानवीय पहल, बीमार मां के इलाज के लिए दिए ₹1 लाख
उत्तरप्रदेश

किसानों को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, 20 रुपए क्विंटल बढ़ाए गन्ना के भाव

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने एक बार फिर गन्ने का भाव बढ़ा दिया है. इस बार गन्ने के भाव में 20 रुपये का इजाफा किया गया है. यह जानकारी यूपी के गन्ना विकास और दुग्ध मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने दी. उन्होंने कहा कि गन्ने के पैदावार की लागत लगातार बढ़ने की वजह से कीमतों को रिवाइज करने का प्रस्ताव तैयार किया गया था. अब सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूर कर लिया है. इससे पहले गन्ना मंत्री ने तीन दिन पहले पत्रकारों से बातचीत करते हुए इसके संकेत दे दिए थे.

उत्तर प्रदेश में गन्ना किसान लंबे समय से भाव बढ़ाने की मांग कर रहे थे. 2016-17 में योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद से गन्ने की कीमतों में तीसरी बार वृद्धि की गई है. पहली बार सरकार बनते ही मुख्यमंत्री की पहल पर 10 रुपये प्रति कुंटल भाव बढ़े थे. उसके बाद 2022 में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले सरकार ने 25 रुपए बढ़ाए थे और अब एक बार फिर कीमतें रिवाइज करते हुए 20 रुपये प्रति कुंटल भाव बढ़ाए गए हैं. इस बढोत्तरी के बाद अब नई कीमतें 360-370 रुपये प्रति कुंटल हो गई हैं.

समिति की बैठक में तय हुआ था मुद्दा

जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को ही गन्ना मूल्य निर्धारण संस्तुति समिति की बैठक हुई थी. इस बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने की थी. इस बैठक में गन्ना किसानों ने पैदावार लागत बढ़ने का मुद्दा उठाया. बताया कि कीमत कम होने की वजह से उन्हें लागत मूल्य भी बहुत मुश्किल से मिल पा रहा था. वहीं, चीनी मिल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भी अपनी बात रखते हुए कीमत बढ़ाने का विरोध किया था.

कैबिनेट की बैठक में पास हुआ प्रस्ताव

उस समय मुख्य सचिव ने दोनों पक्षों की बात बिंदुवार लिखकर रख लिया था. भरोसा दिया था कि जल्द ही फैसला होगा. अब इस संबंध में सरकार की ओर से फाइनल आर्डर जारी कर दिए गए हैं. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक बोर्ड की बैठक में सामने आए बिंदुओं को कैबिनेट के सामने रखा गया, जहां गंभीरता से विचार करने के बाद किसानों की मांग को प्राथमिकता दी गई है. बता दें कि गन्ने के मूल्य को लेकर रालोद व सपा की ओर से सरकार को लगातार घेरने की कोशिश की जा रही थी.

Related Articles

Back to top button