ब्रेकिंग
मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी आरक्षण, गरीबी और उपेक्षा: हाशिए पर खड़ा सवर्ण समाज कब तक सहेगा चुप्पी का दर्द : महिपाल मकवाना ग्वालियर यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने ढाया कहर, ऑटो मे मारी टक्कर ऑटो पलटने से तीन... भोपाल एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी, भोपाल अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में विशेष अभियान लापरवाही पर अफसरों की होगी जवाबदेही तय मुरैना: एसपी धर्मराज मीना की मानवीय पहल, बीमार मां के इलाज के लिए दिए ₹1 लाख
मध्यप्रदेश

विभाग प्रमुखोंं को चकमा दे गए नगर निगम आयुक्त सतेन्द्र सिंह धाकरे

सिंगरौली l नगर पालिक निगम सिंगरौली के आयुक्त सतेन्द्र सिंह धाकरे का एक और मनमानी क्रिया कालापों व गुमराह करने का मामला प्रकाश में आया हैं l जिसमे अपने विभाग प्रमुखों को भी चकमा देने जैसा प्रतीत हो रहा है।

तीन साल से ज्यादा समय से पदस्थ अधिकारियों की 5 जनवरी तक जानकारी मांगी थी

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार आसन्न लोकसभा चुनाव 2024 को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा शासकीय कार्यालयों मे तीन साल से ज्यादा समय से पदस्थ अधिकारियों की 5 जनवरी तक जानकारी मांगी थी। जिसके तारतम्य में नगरीय विकास एवं विकास विभाग संचालनाय द्वारा 29 दिसंबर को नगर निगम आयुक्त से अधिकारियो के पदस्थापना व स्थानांतरण की जानकारी मांगी थी l कुछ विभागों के प्रमुखों ने तो जानकारी वास्तविक भेज दी है, लेकिन नगर पालिक निगम सिंगरौली के आयुक्त के द्वारा 4 साल से नगर निगम मे वित्त विभाग के पदस्थ उपायुक्त वित्त और प्रभारी उपायुक्त सत्यम मिश्रा की जानकारी भेजवा दिया गया l

अपनी जानकारी खुद प्रभारी उपायुक्त के नाम से भेजी

नगर पालिक निगम में उपायुक्त वित्त सत्यम मिश्रा ने चुनाव आयोग में बतौर प्रभारी उपायुक्त नगर पालिक निगम निरंक भेज दिया गया l मसलन नगर निगम में कोई भी कर्मचारी अधिकारी 3 साल से ज्यादा समय से पदस्थ नहीं है l

परिणाम स्वरुप नगर निगम आयुक्त द्वारा देश की संवैधानिक संस्था चुनाव आयोग को भी चकमा दिलवाने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी है l आयुक्त द्वारा आयोग में इस तरह की झूठी और गुमराह करने वालीं जानकारी हतप्रभ कर देने वाली दिखाई दे रही हैं l

Related Articles

Back to top button