ब्रेकिंग
उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी आरक्षण, गरीबी और उपेक्षा: हाशिए पर खड़ा सवर्ण समाज कब तक सहेगा चुप्पी का दर्द : महिपाल मकवाना ग्वालियर यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने ढाया कहर, ऑटो मे मारी टक्कर ऑटो पलटने से तीन... भोपाल एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी, भोपाल अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में विशेष अभियान लापरवाही पर अफसरों की होगी जवाबदेही तय मुरैना: एसपी धर्मराज मीना की मानवीय पहल, बीमार मां के इलाज के लिए दिए ₹1 लाख सरकारी योजनाओं पर लग रहा पलीता: धरातल पर दम तोड़ रही जनहितैषी नीतियां सागर जहरीली शराब कांड: उमंग सिंघार का सरकार पर तीखा हमला, कहा- पाकिस्तान के बाद मध्य प्रदेश में हिंद...
देश

जम्मू-कश्मीर में ‘निराशा’ और ‘डर’ के साए में जी रहे है लोग, महबूबा मुफ्ती का आरोप

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने रविवार को आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर में लोग ”निराश” हैं और ”डर” के साए में जी रहे हैं। महबूबा ने कुलगाम में संवाददाताओं से कहा, ‘‘निराशा है, लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है, हाल में सरजन बरकती की पत्नी को आतंकी वित्तपोषण मामले में गिरफ्तार किया गया। कोई सबूत नहीं है, कोई सुनवाई नहीं है। लोगों को बस गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाता है। इसलिए लोग दबाव और डर के साए में जी रहे हैं।”

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख ने दक्षिण कश्मीर जिले के मंजगाम में पार्टी कार्यकर्ताओं के एक सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने “लोगों को इस स्थिति से बचाने” और अपने संस्थापक मुफ्ती मोहम्मद सईद के “जम्मू-कश्मीर को इस समस्या के दलदल से बाहर निकालने” संबंधी एजेंडे को पूरा करने के लिए एक सार्वजनिक पहुंच कार्यक्रम शुरू किया है।

महबूबा कहा, “पीडीपी कोई भी बलिदान देने के लिए तैयार है और इसीलिए मैं लोगों के पास जा रही हूं।” कुछ राजनीतिक नेताओं के इन आरोपों के बारे में पूछे जाने पर कि यह पीडीपी ही थी जो 2015 में गठबंधन करके भाजपा को जम्मू-कश्मीर में लेकर आई, महबूबा ने कहा कि इसके पीछे उनके पिता के उद्देश्य को समझने के लिए “विशाल दृष्टिकोण, बड़ी सोच” की आवश्यकता है।

Related Articles

Back to top button