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मध्यप्रदेश

कपड़ों पर मनचाही प्रिंटिंग का ट्रेंड खुद कस्टमाइज कर रहे युवा

ग्वालियर। स्टाइल और फैशन के मामले में शहर के युवा कुछ नया करने की कोशिश कर रहे हैं। यही कारण है कि वे अब अपने कपड़े खुद ही कस्टमाइज कराने की चाह रखते हैं। इसके लिए वे अब टी-शर्ट, शर्ट, पुलओवर सहित जैकेट्स और हुडी पर मनचाही प्रिंटिंग करा रहे हैं। इसमें कपल दो टी-शर्ट लेकर एक-दूसरे के लिए प्रिंट करा रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग बच्चों के लिए भी विशेष तौर पर कपड़ों पर कुछ न कुछ छपवा रहे हैं। ऐसे में ये क्लोदिंग देखने में कूल लगने के साथ ही मैसेज भी देती है। कई युवा ट्रेंडी तो कुछ युवा विख्यात लेखकों के लिखे विचार भी अपने कपड़ों पर प्रिंट करा रहे हैं। वर्तमान में त्योहार का माहौल शुरू हो चुका है और लोग खास मौकों पर अलग दिखना चाहते हैं। इस कारण इस प्रिंटिंग करने वाली कंपनियों पर विशेष आर्डर पहुंच रहे हैं। युवा अपनी पर्सनैलिटी के लिहाज से खुद को एक्सप्रेस करने के लिए इस तरह की प्रिंटिंग करा रहे हैं।

कामेडी के लिए फनी प्रिंटिंग

खुशमिजाज और हंसमुख व्यक्तित्व के युवा अपनी टी-शर्ट पर हंसी-मजाक से जुड़े स्लोगन लिखवा रहे हैं। इनमें कृपया ज्ञान न दें, यहां खुद ही बहुत ज्ञानी हैं, कभी-कभी लगता है कि अपन ही कंगाल है जैसे कोट्स शामिल हैं। चूंकि प्रिंट कराने में सिर्फ कंप्यूटर डिजाइन और फान्ट्स सेलेक्ट करने होते हैं, ऐसे में युवाओं को ज्यादा आप्शन मिल जाते हैं। ऐसे में वे अपनी मर्जी से जो चाहें, वो प्रिंट कराते हैं। मन में आए किसी भी ख्याल को प्रिंटिंग के जरिए कपड़ों पर उकेर दिया जाता है।

क्यों पसंद आ रही प्रिंटिंग

नामी-गिरामी कंपनियां अपनी ओर से खुद ही कपड़ों को डिजाइन करती हैं। उनके प्रिंट भी पहले से तय होते हैं। ऐसे में कुछ अलग करने के शौकीन युवाओं के लिए आप्शन बहुत लिमिटेड हो जाते हैं। यही कारण है कि प्लेन टीशर्ट लेकर उस पर प्रिंट कराने के विकल्प बहुत ज्यादा होते हैं। प्रिंटिंग में खर्चा भी 150 से 200 रुपए तक ही आता है, लेकिन कूल और अलग हटकर दिखने के लिए युवाओं को बेहतर विकल्प मिलते हैं। इसके कारण वह खुद ही कस्टमाइज कपड़े तैयार करा रहे हैं।

प्रिंटिंग में आप्शन ज्यादा मिलते हैं आजकल क्लोदिंग कंपनियों के डिजाइन सेलेक्टेड होते हैं, जबकि लोग कुछ हटकर पहनना चाहते हैं जो यूनिक लगे। यही कारण है कि वे हमारे पास कई तरह के कोट्स से लेकर मूवी डायलाग, स्लैंग तक प्रिंट करा रहे हैं। कई युवा जोक भी कपड़ों पर प्रिंट कराते हैं।

उत्कर्ष शर्मा, संचालक गोलू स्पोर्ट्स

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