ब्रेकिंग
खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी आरक्षण, गरीबी और उपेक्षा: हाशिए पर खड़ा सवर्ण समाज कब तक सहेगा चुप्पी का दर्द : महिपाल मकवाना ग्वालियर यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने ढाया कहर, ऑटो मे मारी टक्कर ऑटो पलटने से तीन... भोपाल एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी, भोपाल अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में विशेष अभियान लापरवाही पर अफसरों की होगी जवाबदेही तय मुरैना: एसपी धर्मराज मीना की मानवीय पहल, बीमार मां के इलाज के लिए दिए ₹1 लाख सरकारी योजनाओं पर लग रहा पलीता: धरातल पर दम तोड़ रही जनहितैषी नीतियां
मध्यप्रदेश

करंट से झुलसने वाले युवक की दोनों किडनी डैमेज, गई जान

उमरिया। करंट से झुलसने वाले युवक की दोनों किडनी खराब हो गई थी जिससे उसकी मौत हो गई है। उक्त घटना उमरिया जिले के नौरोजाबाद विद्युत सब स्टेशन में 10 अक्टूबर को सुबह 9:00 बजे करीब 33 के वी विद्युत सप्लाई के दौरान हुई थी। घटना में उपेंद्र त्रिपाठी उर्फ अभिलाष पिता उत्तम त्रिपाठी ग्राम भरेवा तहसील मानपुर बुरी तरह से झुलस गया था।

लाइन पर अकेले काम करते समय बुरी तरह से झुलसा

उपेंद्र नौरोजाबाद 33 केवी विद्युत सब स्टेशन में ऑपरेटर के पद पर कार्य करता था। लाइन पर अकेले काम करते समय बुरी तरह से झुलस जाने के कारण उसे तत्काल जिला अस्पताल उमरिया से जबलपुर रेफर कर दिया गया था, लेकिन हालत में सुधार न होने के कारण उसे नागपुर के लिए रेफर कर दिया गया था। इलाज के दौरान दोनों किडनी फेल होने के कारण मौत हो गई।

विभाग की लापरवाही के कारण जिंदगी की जंग हारा

विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण यह युवक जिंदगी की जंग हार गया। सूत्रों की मानें तो घटना को लेकर विद्युत विभाग के आला अफसरों ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया था। किसकी लापरवाही के कारण ऐसी दुर्घटना घटित हुई थी इस बारे में अभी कुछ भी नहीं कहा गया है। आनन फानन में उक्त युवक को रेफर किया गया था पर उसे 70 फीसदी जलने के कारण नहीं बचाया जा सका।

Related Articles

Back to top button