ब्रेकिंग
खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी आरक्षण, गरीबी और उपेक्षा: हाशिए पर खड़ा सवर्ण समाज कब तक सहेगा चुप्पी का दर्द : महिपाल मकवाना ग्वालियर यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने ढाया कहर, ऑटो मे मारी टक्कर ऑटो पलटने से तीन... भोपाल एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी, भोपाल अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में विशेष अभियान लापरवाही पर अफसरों की होगी जवाबदेही तय मुरैना: एसपी धर्मराज मीना की मानवीय पहल, बीमार मां के इलाज के लिए दिए ₹1 लाख सरकारी योजनाओं पर लग रहा पलीता: धरातल पर दम तोड़ रही जनहितैषी नीतियां
छत्तीसगढ़

शहर में डेंगू मरीजों की संख्या बढ़कर हुई 67

बिलासपुर। शहर में इन दिनों डेंगू के मरीज मिलने का सिलसिला जारी है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक इस साल अब तक 67 मरीज मिल चुके हैं। अगस्त माह से शहरी क्षेत्र में इसकी स्थिति बिगड़ी है। दो महीने के भीतर 48 मरीज मिले चुके हैं, जो शहर के अलग-अलग क्षेत्र में निवासरत हैं। ऐसे में मौजूदा स्थिति में शहरी क्षेत्र डेंगू को लेकर बेहद संवेदनशील हो चुका है।

शहर व जिले में अगस्त माह से लगातार डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। सामने आते हुए मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में चल रहा है। जानकारी के मुताबिक इस साल जनवरी से जुलाई तक 19 मरीज मिले थे, एक तरह से स्थिति नियंत्रण में चल रहा था। वही अगस्त माह से स्थिति बिगड़ी है। इधर सिम्स में दो महीने के भीतर 40 मरीज ऐसे पहुंचे हैं, जिनमें डेंगू के लक्षण मिले।

ऐसे में इनका सैंपल लेकर माइक्रोबायोलाजी डिपार्टमेंट भेजा जाता रहा है। बढ़ते मामलों को देखते हुए डेंगू नियंत्रण के दिशा में काम किया जा रहा है। मालूम हो कि इससे पहले कोटा ब्लाक के डेंगू, मलेरिया के लिए चयनित 39 संवेदनशील गांव में भी डेंगू के साथ मलेरिया के मरीज मिल चुके हैं। ऐसे में उस क्षेत्र में तो नियंत्रण कार्य किया गया है, लेकिन शहरी क्षेत्र अभी में नियंत्रण कार्य नहीं हो सका है। ऐसे में अब शहर के जिन जिन क्षेत्र से मरीज मिले हैं, उन क्षेत्रों में सर्वे कराया कराने का निर्णय लिया गया है।

नवंबर तक रहेगा संवेदनशील

बरसात का मौसम डेंगू व मलेरिया के लिए बेहद संवेदनशील रहता है। हर साल इस मौसम में इनके मरीज मिलते हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जुलाई से लेकर नवंबर तक मरीज मिलने की आशंका प्रबल रहती है। मौजूदा स्थिति में मिले मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। उनकी निगरानी स्वास्थ्य विभाग की टीम कर रही है। बताया गया कि सिम्स के माइक्रोबायोलाजी डिपार्टमेंट में इस माह सैंपल जांच में डेंगू के 11 मरीज मिल चुके हैं। वहीं 16 सैंपल की रिपोर्ट आना बाकी है। इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दे दी गई है।

Related Articles

Back to top button