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मध्यप्रदेश

आचार संहिता लगने से पहले तबादलों को लेकर चुनाव आयोग पहुंच रही शिकायतें

भोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले सरकार द्वारा किए जा रहे तबादलों को लेकर शिकायतें अब निर्वाचन आयोग तक पहुंचने लगी हैं। लगभग प्रतिदिन अलग-अलग संवर्ग के अधिकारियों के तबादले किए जा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष डा. गोविंद सिंह ने भी आयोग से शिकायत करके तबादलों पर रोक लगाने की मांग की है। भाजपा पदाधिकारियों ने कालापीपल से कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी के भाई हितेष चौधरी को चुनावी कार्य में संलग्न किए जाने पर आपत्ति जताते हुए उन्हें हटाने की मांग की है।

आइपीएस हितेष चौधरी वर्तमान में एसपी रेल भोपाल है। विभागों में एसडीएम से लेकर तहसीलदार और तमाम विभागों के मैदानी अधिकारियों के तबादले किए जा रहे हैं। बता दें कि अगले सप्ताह कभी भी विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लग सकती है। सी-विजिल एप से भी आचार संहिता के उल्लंघन पर नजर मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में सी-विजिल एप से आचार संहिता के उल्लंघन पर नजर रखी जाएगी।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मध्य प्रदेश विधानसभा निर्वाचन-2023 में चुनाव संबंधी शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए सी-विजिल मोबाइल एप तैयार करवाया गया है। इसके माध्यम से कोई भी नागरिक आचार संहिता के उल्लंघन संबंधी किसी भी घटना का फोटो-वीडियो तैयार कर अपनी शिकायत भेज सकता है।

100 मिनट के अंदर शिकायत का निराकरण किया जाएगा। इस एप पर कोई भी नागरिक घटनास्थल से 20 मीटर के अंदर से ली गई फोटो अपलोड कर सकता है। वर्ष 2018 में हुए विधानसभा निर्वाचन में सी-विजिल एप के माध्यम से 3,990 शिकायतें हुई थी। इसी तरह लोकसभा निर्वाचन 2019 में 16,472 शिकायतें हुई थी।

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