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तालिबान के उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा- पुरुषों के पास अधिकार, महिलाएं अपनी स्थिति स्वीकार करें, दोनों बराबर नहीं

काबुल। तालिबान नियुक्त उच्च शिक्षा मंत्री नेडा मोहम्मद ने पुरुष और महिलाओं को बराबर नहीं बताया है। उन्होंने यह बात शरिया के आधार पर कही है। नदीम ने बाघलान विश्वविद्यालय में बैठक के दौरान कहा कि महिलाओं से जुड़े वर्तमान तंत्र को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।

नदीम ने कहा कि पश्चिमी देशों का मानना है कि महिलाएं व पुरुष समान हैं। वह उन्हें समान अधिकार देने की बात करते हैं, लेकिन दोनों बराबर नहीं हैं। अल्लाह ने पुरुषों और महिलाओं में अंतर रखा है। पुरुष शासक हैं, वह शासन के लिए पैदा हुआ है, उनके पास अधिकार हैं। उन अधिकारों का पालन किया जाना चाहिए। उसी के साथ महिलाओं को अनिवार्य रूप से अपनी स्थिति को स्वीकार करना चाहिए।

महिलाओं के अधिकारों का सम्मान करे तालिबान

तालिबान महिलाओं के अधिकारों का सम्मान नहीं करता है। वह जब तक उनके अधिकारों का सम्मान नहीं करेगा, तब तक वह दुनिया से अलग रहेगा। अफगान महिलाओं और मानवाधिकार के लिए अमेरिकी दूत रीना अमीरी ने एक्स पोस्ट में कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के 78वें सत्र में कई देशों के अधिकारियों के साथ चर्चा की। इस दौरान सभी ने साफ शब्दों में कहा कि तालिबान को अंतरराष्ट्रीय समुदाय का हिस्सा बनना है तो ताबिबान महिलाओं का सम्मान करे।

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