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मध्यप्रदेश

शातिर जालसाज गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेज के सहारे मकान सौदे के नाम पर हड़पे थे 22 लाख रुपये

भोपाल। मिसरोद पुलिस ने एक शातिर जालसाज को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। उस पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था। उसके खिलाफ शहर के एक शख्स दो महीने पहले धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। आरोपित ने दूसरे व्यक्ति के मकान का मालिक बनकर उसे 22 लाख रुपये में बेच दिया था। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि उसके खिलाफ दिल्ली में तीन और राजस्थान में इसी प्रकार की धोखाधड़ी का एक केस दर्ज है।

मिसरोद थाना प्रभारी आरबी शर्मा ने बताया कि बीती 24 जुलाई को इस मामले की शिकायत की गई थी। फरियादी ने पुलिस को बताया कि उन्होंने एक व्यक्ति से चिनार उपवन दानिश नगर स्थित मकान 22 लाख रुपये में खरीदा था। जब वह मकान पर कब्जा लेने पहुंचे तो पता चला कि वह किसी दूसरे व्यक्ति का है। मकान का सौदा करने वाले जालसाज ने असली मकान मालिक के नाम पर दस्तावेज बनाकर उन्हें चपत लगाई थी। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी अलग-अलग राज्यों में अपना नाम और पता बदलकर फर्जी पहचान के आधार पर रह रहा है। उसकी तलाश में दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान पुलिस टीम भेजी गई थी, लेकिन सफलता नहीं मिली।

मंगलवार को पुलिस को पता चला कि आरोपी अपने घर अवधपुरी आया हुआ है। इस पर पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और संदेही को पकड़ लिया। पूछताछ करने पर उसने अपना नाम विकास शुक्ला (43) निवासी अवधपुरी बताया। आरोपी ने फर्जी दस्तावेज बनाकर फरियादी से 22 लाख रुपये लेना स्वीकार किया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को गिरफ्तार करने में टीआई शर्मा के साथ ही एएसआइ सुधाकर शर्मा, नागेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल बद्रीलाल दांगी, आरक्षक मुकेश पटेल और सायबर सेल के आरक्षक दीपक तथा आकाश की सराहनीय भूमिका रही। जालसाज की गिरफ्तारी की जानकारी दूसरे राज्यों की पुलिस को भी दी जा रही है।

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