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मध्यप्रदेश

चिन्मयानंद के खिलाफ केस वापस इंज लेने का सरकार का फैसला खारिज

पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद पर दर्ज बलात्कार के एक मामले को, सरकार ने वापस लेने का आदेश दिया था। इस आदेश को जिला कोर्ट शाहजहांपुर ने रद्द कर दिया। इसकी अपील, इलाहाबाद हाईकोर्ट में, हुई। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी जिला न्यायालय के फैसले से सहमति जताई और, प्रदेश सरकार के फैसले को खारिज कर दिया है। अब यदि सुप्रीम कोर्ट कोई दखल नहीं देता है तो, यह मुकदमा ट्रायल पर आ जाएगा।
स्वामी चिन्मयानंद पर हरिद्वार के अपने आश्रम में वर्ष 2011 में एक शिष्या को बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप है। आश्रम से छूटने के बाद शिष्या और उसके परिजनों ने शाहजहांपुर की चौक कोतवाली में एफ आईआर दर्ज कराई थी। आईपीसी की धारा 376 और 506 में चिन्मयानंद के खिलाफ केस दर्ज हुआ था।
कहीं बलात्कार के उम्रकैद सजायाफ्ता जेलों से रिहा किए जा रहे हैं जो कहीं बलात्कार के आरोपी के खिलाफ जनहित में अभियोग वापस लिए जा रहे हैं, तो कहीं महिला दुष्कर्म और हत्या के अभियुक्तों को बचाने के लिए रातोरात, अपराध का घटनास्थल बुलडोजर से गिरा दिया जा रहा है, अपराध नियंत्रण और अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की यह कौन सी नीति है ?

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