ब्रेकिंग
मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी आरक्षण, गरीबी और उपेक्षा: हाशिए पर खड़ा सवर्ण समाज कब तक सहेगा चुप्पी का दर्द : महिपाल मकवाना ग्वालियर यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने ढाया कहर, ऑटो मे मारी टक्कर ऑटो पलटने से तीन... भोपाल एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी, भोपाल अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में विशेष अभियान लापरवाही पर अफसरों की होगी जवाबदेही तय मुरैना: एसपी धर्मराज मीना की मानवीय पहल, बीमार मां के इलाज के लिए दिए ₹1 लाख
मध्यप्रदेश

व्यापम घोटाले के दो दोषियों को पांच वर्ष के कारावास की सजा,हरेंद्र की जगह वासुदेव ने दी थी परीक्षा

इंदौर । व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) घोटाले के दो दोषियों को विशेष न्यायालय ने पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषियों पर 14-14 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। मामला वर्ष 2013 की पुलिस भर्ती परीक्षा का है।

शाजापुर सेंटर पर आयोजित परीक्षा में अभ्यर्थी हरेंद्र सिंह के स्थान पर वासुदेव पाठक परीक्षा दे रहा था। परीक्षा कक्ष में जांच के दौरान यह गड़बड़ी सामने आने के बाद पुलिस ने परीक्षा दे रहे वासुदेव को तो आरोपित बना लिया, लेकिन हरेंद्र के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी।

व्यापम के अन्य मामलों के साथ इस मामले की जांच भी बाद में सीबीआइ को सौंप दी गई। विशेष लोक अभियोजक रंजन शर्मा ने बताया कि सीबीआइ ने मामले की दोबारा जांच की और हरेंद्र सिंह को भी आरोपित बनाया।

विशेष न्यायाधीश संजय कुमार गुप्ता ने बुधवार को दोनों को दोषी पाया। दोषी वासुदेव पाठक और हरेंद्र सिंह को पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास और 14-14 हजार रुपये अर्थंदंड की सजा सुनाई गई।

Related Articles

Back to top button