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मध्यप्रदेश

एम्स में यूरोडायनमिक लैब का शुभारंभ, नसों की कार्यशीलता की हो सकेगी सटीक जांच

 

भोपाल वर्ल्ड स्पाइनल कार्ड इंजुरी दिवस पर मंगलवार को भोपाल के साकेत नगर में स्थित एम्स में यूरोडायनमिक लैब का शुभारंभ किया गया। इसका उद्घाटन एम्स के निदेशक डा अजय सिंह ने किया। यूरोडायनमिक लैब में नसों की कार्यशीलता की सटीक जानकारी के साथ न्यूरोसर्जरी, न्यूरोलाजी, जनरल मेडिसिन, यूरोलाजी, अस्थिरोग, बालरोग, जनरल सर्जरी, प्रसूति एवं स्त्री रोग से संबधित बीमारियों की जांच आसानी से हो सकेगी। इस अवसर पीएमआर विभाग के पूर्व अध्यक्ष डा. एसवाई कोठारी विषेश अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

दो मशीनों के साथ बढ़ गई क्षमता

अब एम्स भोपाल में यूरोडायनमिक टेस्ट के लिए दो मशीनें हो गई है। जबकि राजधानी के अन्य अस्पतालों में कुल मिलाकर पांच से छह मशीनें ही है, जहां हफ्ते में केवल एक या दो टेस्ट होते हैं, वहीं एम्स में हफ्ते में पांच से सात जांचें होती हैं।

स्पाइनल कार्ड इंजुरी जीवन का अंत नहीं – डा. सिंह

इस मौके पर एम्स डायरेक्टर डा अजय सिंह ने स्पाइन सर्जनों से रीड़ की हड्डी के इलाज में स्टेम सेल थेरेपी को अपनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्पाइनल कार्ड इंजुरी जीवन का अंत नहीं है, हमें आगे देखना चाहिए और जीवन में नई उपलब्धियां हासिल करनी चाहिए। इस अवसर पर डा. सिंह ने वार्ड में इलाज के लिए भर्ती मरीजों से उनके उपचार की भी जानकारी ली। इस दौरान रीढ़ की हड्डी की चोट से ठीक हो रहे मरीजों ने अपने अनुभव साझा किए और व्हीलचेयर जागरुकता रैली में भाग लिया।

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