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मध्यप्रदेश

ढाबे और रेस्टोरेंट में खुलेआम बिक रही शराब प्रदेश में बिगड़ रही कानून व्यवस्था

भोपाल। प्रदेश सरकार ने अहाते तो बंद कर दिए पर ढाबे और रेस्टोरेंट में खुलेआम शराब मिल रही है। यह पूरा कारोबार अवैध रूप से संचालित हो रहा है। सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है, कानून व्यवस्था भी बिगड़ रही है। यह आरोप कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने सोमवार को भोपाल में लगाए।

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारवार्ता में उन्होंने कहा कि जिनके पास लाइसेंस नहीं हैं, उन्हें एक दिन का लाइसेंस दिया जाता है और इसकी आड़ में अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। भोपाल में ही ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जहां अवैध रूप से हुक्का लाउंज और रेस्टोरेंट का संचालन न किया जा रहा हो। रानी कमलापति रेलवे स्टेशन की पार्किंग में पुलिस कार्रवाई हो चुकी है।

आबकारी अमला भी खानापूर्ति के लिए कार्रवाई कर देता है। अब तो शापिंग सेंटर में भी लाइसेंस देने की तैयारी है। विधानसभा में हुक्का बार पर प्रतिबंध लगाने का विधेयक पारित होने के बाद भी रोक नहीं लग रही है। उन्होंने प्रदेश में प्रतिबंध होने के बाद भी हो रहे तबादलों पर प्रश्न उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता कांग्रेस सरकार पर तबादला उद्योग चलाने के आरोप लगाते हैं, लेकिन अपनी सरकार के आदेश तक नहीं देखते हैं।

जुलाई से अगस्त तक इतने हुए तबादले

जुलाई और अगस्त की ही बात करें तो आइएएस-आइपीएस के 59, डीएसपी के 252, राज्य प्रशासनिक सेवा के 186, पुलिस निरीक्षक के 673 और नायब तहसीलदार स्तर के 306 अधिकारियों के तबादले हुए हैं। नगरीय विकास एवं आवास, लोक निर्माण सहित अन्य विभागों के मुख्यमंत्री समन्वय से लगातार तबादले हो रहे हैं।

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