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पीएचडी फर्जीवाड़े में भाजपा नगर अध्यक्ष विवेक जोशी की पत्नी का नाम भी शामिल

 उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा-2022 में हुए फर्जीवाड़े में भाजपा नगर अध्यक्ष विवेक जोशी की पत्नी शिल्पा जोशी का नाम भी शामिल है। उनका रोल नंबर प्रवेश निरस्त किए उन 12 विद्यार्थियों के स्वीकृत प्रस्ताव में शामिल है, जिसका अनुमोदन पिछले महीने कार्य परिषद ने कर दिया था। प्रकरण में विवेक जोशी ने  कहा है कि पत्नी ने पीएचडी चयन परीक्षा उत्तीर्ण की थी, क्या फर्जीवाड़ा हुआ है, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

महीनेभर पहले 21 जून को उज्जैन लोकायुक्त पुलिस ने विक्रम विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा-2022 की ओएमआर शीट में काट-छांट कर अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों को उत्तीर्ण दर्शाने के मामले में तत्कालीन कुलसचिव डा. प्रशांत पुराणिक, सहायक कुलसचिव वीरेन्द्र उचवारे, प्रोफेसर गणपत सिंह अहिरवार, पीके वर्मा और वायएस ठाकुर के खिलाफ भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी, ओएमआर शीट में छेड़छाड़ करने जैसी धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था।

इसके बाद विक्रम विश्वविद्यालय की कार्य परिषद ने उन सभी 12 विद्यार्थियों का प्रवेश निरस्त करने का प्रस्ताव पारित किया, जिनकी ओएमआर शीट में काट-छांट की गई थी।

प्रस्ताव की खास बात यह थी कि उसमें विद्यार्थियों के नाम की बजाय केवल रोल नंबर अंकित गए गए थे। नाम छुपा लिए गए थे। ‘नईदुनिया’ ने इन रोल नंबर का मिलान विक्रम विश्वविद्यालय की विभागीय जांच समिति द्वारा प्रवेश निरस्त करने के लिए तैयार सूची से किया तो पाया प्रस्ताव में से एक विद्यार्थी (गौरव कुमार शर्मा) का नाम, रोल नंबर 220881 हटाकर एक फर्जी रोल नंबर 220841 जोड़ दिया था।

ऐसा कैसे हुआ, इसका पता लगाने को कुलपति ने तीन कर्मचारियों को नोटिस दिए। अगले ही दिन लोकायुक्त पुलिस ने प्रकरण में आरोपितों की संख्या पांच से बढ़ाकर आठ कर दी है। 12 में से तीन (गौरव कुमार शर्मा, अमित मरमट और अंशुमा पटेल) उन विद्यार्थियों पर एफआइआर दर्ज की, जिनकी ओएमआर शीट में काट-छांट की गई थी। शेष नौ विद्यार्थियों से भी लोकायुक्त पूछताछ कर रहा है।

इधर पड़ताल में यह बात भी सामने आई कि कार्य परिषद द्वारा अनुमोदित प्रस्ताव में 10वें क्रम पर जो रोल नंबर 220042 है, वो भाजपा नगर अध्यक्ष की पत्नी का है

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