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मध्यप्रदेश

राजधानी के जेपी अस्पताल में आईसीयू बंद होने से मरीजों ने किया जमकर हंगामा

भोपाल। नर्साें के हड़ताल पर चले जाने से अब जेपी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने लगी हैं।ऐसे में शुक्रवार को जेपी अस्पताल में आईसीयू बंद होने से मरीजों ने जमकर हंगामा कर दिया। मरीजों को भर्ती करने से मना कर उन्हें हमीदिया अस्पताल रैफर किया जा रहा है। मालूम हो कि जेपी अस्पताल में दो आईसीयू हैं। इनमें से 12 बिस्तरों का मुख्य आईसीयू और दूसरा कोविड ब्लाक में तैयार किया गया आईसीयू है। शुक्रवार को कोविड आईसीयू में ताला डाल दिया गया। वहीं मेन आईसीयू भी खाली है, यहां कोई मरीज भर्ती नहीं किया जा रहा है। मामले में अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि अभी कोई मरीज ऐसा नहीं है जिसे आईसीयू में रखने की जरूरत पड़े।अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि व्यवस्थाएं पूरी हैं, जैसे ही मरीज आएगा उसे आईसीयू में भर्ती कर लिया जाएगा। इधर, हड़ताली नर्सों का कहना है कि सोमवार से नर्सों की हड़ताल शुरू हुई है, तब इस वार्ड में आठ मरीज भर्ती थे।हड़ताल के बाद अस्पताल प्रबंधन ने पहले से भर्ती मरीजों के डिस्चार्ज होने का इंतजार किया। कुछ मरीजों को तय समय से पहले ही डिस्चार्ज कर दिया गया।

पीपीई किट पहन कर किया प्रदर्शन

शुक्रवार को नर्सों ने पीपीई किट पहनकर प्रदर्शन किया। नर्सों का कहना है कि उन्होंने कोविड में अपनी जान जोखिम में डाल कर काम किया। इसके बावजूद सरकार हमारे काम को भूल गई। जब तक हमें हमारी मांगों को लेकर सकाराम्तक उत्तर नहीं मिलेगी आंदोलन जारी रहेगा।सभी नर्सिंग अधिकारी शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करेंगी।

इनका कहना है

जेपी में दो आईसीयू हैं, इसमें से कोविड आईसीयू बंद हैं उसमें रमीज नहीं है। मुख्य आईसीयू चालू है, संविदा कर्मचारियों ने स्वास्थ्य सेवाएं संभाल रखी है। मरीजों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जा रही है।

डा. राकेश श्रीवास्तव, अधीक्षक, जेपी अस्पताल

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