ब्रेकिंग
मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी आरक्षण, गरीबी और उपेक्षा: हाशिए पर खड़ा सवर्ण समाज कब तक सहेगा चुप्पी का दर्द : महिपाल मकवाना ग्वालियर यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने ढाया कहर, ऑटो मे मारी टक्कर ऑटो पलटने से तीन... भोपाल एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी, भोपाल अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में विशेष अभियान लापरवाही पर अफसरों की होगी जवाबदेही तय मुरैना: एसपी धर्मराज मीना की मानवीय पहल, बीमार मां के इलाज के लिए दिए ₹1 लाख
व्यापार

बीमा कंपनियों के लिए सख्त होंगे मीडिया विज्ञापनों के नियम

भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडाई) बीमा कंपनियों के मीडिया विज्ञापनों के लिए नियमों को सख्त करने पर विचार कर रहा है।नियामक ने प्रस्ताव में कहा,  उत्पाद प्रचार के लिए मीडिया अभियानों को तैयार करने व मंजूरी देने का जिम्मा बीमा कंपनियों के वरिष्ठ प्रबंधन का है। इस पर 25 मई तक हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। इरडाई ने बीमा विज्ञापन खुलासा नियमन, 2021 में संशोधन का प्रस्ताव किया है।विज्ञापन जारी होने के तीन दिनों के भीतर बीमा कंपनियों को अपनी वेबसाइट पर विज्ञापन अपलोड करने के लिए मजबूत प्रणाली स्थापित करने को भी कहा गया है।विज्ञापनों को स्वीकार करने की प्रक्रिया वर्तमान में स्वीकृत ‘फाइल एंड यूज’ एप्लिकेशन व इरडाई विज्ञापन विनियमों और सर्कुलर्स के अनुपालन पर आधारित है।

इसके तहत, प्रत्येक बीमा कंपनी को कम से कम तीन सदस्यों वाली विज्ञापन समिति बनानी होगी। ये सदस्य मार्केटिंग, एक्चूरियल और अनुपालन विभाग से होंगे। इसका उद्देश्य ग्राहकों के लिए विज्ञापनों को तैयार करने और उन्हें मंजूरी देते समय वरिष्ठ प्रबंधन को जवाबदेह ठहराना है। इस कमिटी को उत्पाद प्रबंधन कमिटी को जवाब देना होगा। विज्ञापन कमिटी की सिफारिशों की जांच उत्पाद प्रबंधन कमिटी करेगी व उसके पास विज्ञापनों को मंजूरी देने या खारिज करने का अंतिम अधिकार होगा।उत्पाद प्रबंधन कमिटी और विज्ञापन कमिटी मंजूर विज्ञापनों को जारी करने के लिए पूरी तरह से जवाबदेह और जिम्मेदार होगी। बीमाकर्ता की रिकॉर्ड रिटेंशन पॉलिसी के अनुसार विज्ञापन वापस लेने की तारीख से कम से कम तीन साल के लिए सभी विज्ञापनों के रिकॉर्ड को बनाए रखना सुनिश्चित करना चाहिए और इसे उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

 

Related Articles

Back to top button