ब्रेकिंग
उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी आरक्षण, गरीबी और उपेक्षा: हाशिए पर खड़ा सवर्ण समाज कब तक सहेगा चुप्पी का दर्द : महिपाल मकवाना ग्वालियर यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने ढाया कहर, ऑटो मे मारी टक्कर ऑटो पलटने से तीन... भोपाल एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी, भोपाल अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में विशेष अभियान लापरवाही पर अफसरों की होगी जवाबदेही तय मुरैना: एसपी धर्मराज मीना की मानवीय पहल, बीमार मां के इलाज के लिए दिए ₹1 लाख सरकारी योजनाओं पर लग रहा पलीता: धरातल पर दम तोड़ रही जनहितैषी नीतियां सागर जहरीली शराब कांड: उमंग सिंघार का सरकार पर तीखा हमला, कहा- पाकिस्तान के बाद मध्य प्रदेश में हिंद...
विदेश

पाकिस्तान में क्षेत्रीय अलगाववाद को एक प्रोफेसर ने ‎किया उजागर

इस्लामाबाद। भारत के ‎विकास के एजेंडे को पा‎किस्तान पचा रहीं पा रहा है। भारत के डेवलपमेंट को देखकर आए दिन पाकिस्तानियों के जलने की खबर आती रहती है। एक पाकिस्तानी प्रोफेसर एमएस रजा ने लद्दाख एयरपोर्ट पर लगे साइन बोर्ड को लेकर शहबाज शरीफ सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने एक तस्वीर को ट्वीट कर लिखा कि यह लद्दाख का लेह एयरपोर्ट है। उन्होंने आगे बताया कि लेह एयरपोर्ट पर लग रहे साइन बोर्ड पर स्थानीय भाषा में भी जानकारियां दी गई हैं। पाकिस्तान में इस तरह की जानकारी वहां की स्थानीय भाषा में नहीं दी जाती है। उन्होंने इस साइनबोर्ड को पाकिस्तान के क्षेत्रीय अलगाववाद से जोड़ा। रजा नेशनल इक्वेलिटी पार्टी गिलगित बाल्टिस्तान एंड लद्दाख के चेयरमैन हैं।
प्रोफेसर एमएस रजा ने ट्वीट में लिखा है कि ये है लद्दाख का लेह एयरपोर्ट। क्या आप जानते हैं इस तस्वीर में क्या है खास? स्थानीय भाषा। इस हवाई अड्डे के बोर्ड के ऊपर लद्दाख की स्थानीय भाषा लिखी हुई है। पहचान और मान्यता का यही अर्थ है। हमें गिलगित, बाल्टिस्तान या पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में कहीं भी किसी भी बोर्ड पर एक भी शब्द नहीं लिखा हुआ मिला। गिलगिट बाल्टिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में हमारी पहचान, संस्कृति और मान्यता से जुड़ी हर चीज नष्ट हो रही है और पंजाबी पहचान और संस्कृति हावी हो रही है।

Related Articles

Back to top button