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छत्तीसगढ़

सरकारी स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम में बदलने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर 24 अप्रैल को होगी सुनवाई

रायपुर | सरकारी स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम में बदलने और हिंदी अंकों का प्रयोग बंद करने के खिलाफ दायर जनहित याचिकाओं पर आगामी सोमवार 24 अप्रैल को सुनवाई होगी। नया रोस्टर आने के बाद चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच में सुनवाई निर्धारित की गई है।ज्ञात हो कि राज्य शासन ने प्रदेश के करीब 200 स्कूलों को मिडिल से हायर सेकेंडरी तक अंग्रेजी मीडियम में बदलने का निर्णय लिया है। इसके खिलाफ जशपुर निवासी और संस्था अंक भारती के संयोजक डा रविन्द्र वर्मा ने जनहित याचिका दायर की है। इसके अलावा हिंदी अंकों का प्रयोग बंद करने पर भी एक पीआईएल लगाई है।

चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच में सुनवाई हो रही है। याचिका में कहा गया है कि स्कूलों के अलावा हिंदी के अंकों को लेकर जो पीआईएल है उस पर भी एक ही साथ सुनवाई कर ली जाए तो सुविधा होगी। हाईकोर्ट ने इसके बाद सोमवार को एक साथ सुनवाई करने के निर्देश दिया है।याचिका में कहा गया है कि, हिंदी माध्यम विद्यालय बंद होने से हजारों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। इसी प्रकार दूसरी याचिका में बताया गया है कि, हिंदी अंकों के लिए खुद शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किया था कि प्राथमिक कक्षाओं में हिंदी के अंक ही इस्तेमाल किए जाएं। पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान शासन के वकील ने नरेंद्र दास का मामला प्रस्तुत करते हुए बताया था कि इसी प्रकार के मामले में हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी इसलिए यह याचिका भी निरस्त करने योग्य है।

 

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