ब्रेकिंग
मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी आरक्षण, गरीबी और उपेक्षा: हाशिए पर खड़ा सवर्ण समाज कब तक सहेगा चुप्पी का दर्द : महिपाल मकवाना ग्वालियर यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने ढाया कहर, ऑटो मे मारी टक्कर ऑटो पलटने से तीन... भोपाल एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी, भोपाल अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में विशेष अभियान लापरवाही पर अफसरों की होगी जवाबदेही तय मुरैना: एसपी धर्मराज मीना की मानवीय पहल, बीमार मां के इलाज के लिए दिए ₹1 लाख
मुख्य समाचार

मांझी ने फिर जहर उगला,  रावण का चरित्र श्रीराम से बड़ा 

पटना । अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने फिर जहर उगला है।  प्रभु श्री राम के बारे में फिर से विवादित बयान देकर मांझी सुर्खियों में हैं। मांझी ने कहा है कि रावण का चरित्र श्रीराम से बड़ा है और रावण राम से अधिक महान था।

मांझी ने कहा कि श्री राम भगवान नहीं बल्कि एक काल्पनिक पात्र हैं। उनके साथ साथ रावण भी रामायण का काल्पनिक पात्र ही है। लेकिन कल्पना के आधार पर जो किताब लिखी गई है, उसमें रावण के साथ न्याय नहीं हुआ। रामायण में रावण को नीचा दिखाया गया और राम को ऊपर रखा गया। अपनी निजी सोच बताकर मांझी ने कहा कि कर्मकांड के मामले में रावण श्री राम से बहुत आगे है।  रावण का चरित्र इस मामले में राम से ऊपर है। मांझी ने कहा कि राम जब-जब किसी परेशानी में होते थे, तब उन्हें अलौकिक शक्तियों की सेवाएं मिलती थी। रावण के साथ ऐसा कुछ नहीं था। उसके लिए कुछ नहीं आता था। रामायण के लेखक ने कल्पना में भी रावण को नीचा दिखाया है।
मांझी से पूछा गया कि ऐसा आप कैसे कह सकते हैं, तब उन्होंने कहा कि यह मेरी व्यक्तिगत समझ है। हम ना राम को मानते हैं न रावण को मानते हैं। कल्पना के आधार पर दोनों के बारे में जो लिखा गया है उसके आधार पर कहते हैं। इससे पहले भी मांझी ने कई बार हिंदू धर्म और श्री राम को लेकर विवादित बयान दिया।  पहले भी मांझी रामायण और श्री राम के अस्तित्व पर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने सत्यनारायण पूजा को लेकर भी विवादित बयान देकर कहा था दलित सतनारायण पूजा नहीं कराएं। मांझी ने ब्राह्मणों को लेकर भी विवादित टिप्पणी की और अपमानित करने वाला बयान दिया। लेकिन, विरोध होता देख उन्होंने संक्रांति के अवसर पर पटना में ब्राह्मण भोज का आयोजन भी किया था।

Related Articles

Back to top button