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मध्यप्रदेश

पेड़ों को कटने से बचाने के लिए निर्णय, मंत्रालय के समीप फिलहाल नहीं बनेगा मुख्यमंत्री के लिए हेलीपैड

भोपाल। मध्य प्रदेश में मंत्रालय के समीप समीप मुख्यमंत्री के लिए हेलीपैड नहीं बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसका प्रस्ताव लौटा दिया है। दरअसल, जेल मुख्यालय की भूमि पर मंत्रालय के समीप हेलीपैड बनना प्रस्तावित था। नगर निगम भोपाल ने इसके लिए एक हजार से अधिक पेड़ काटने शुरू कर दिए थे। इसमें डेढ़ सौ वर्ष पुराना बरगद का पेड़ भी शामिल था। इसकी सूचना मुख्यमंत्री को हुई तो उन्होंने इस प्रस्ताव पर फिलहाल रोक लगा दी है। जेल मुख्यालय की भूमि पर वर्षों पुराने पत्थर की दीवारों से बने 12 क्वार्टर हैं। हेलीपैड के लिए इन क्वार्टरों को भी तोड़ा जाना था। 12 क्वार्टर के नाम से पहचाने जाने वाले ये मकान टूटने से जेल प्रहरियों के बच्चे खासे नाराज थे। अधिकांश जेल प्रहरियों के बच्चे इन मकानों में जन्में और बड़े हुए। ऐसे में क्वार्टर और आसपास के पेड़ खासकर बरगद से इनका विशेष लगाव है। कुल 24.455 हेक्टेयर में से 3.649 हेक्टेयर में लोक निर्माण विभाग द्वारा हेलीपैड बनाया जाना था। बता दें कि एनेक्सी भवन निर्माण के दौरान हेलीपैड बनाने की बात उठी थी। 2010 में भी इसकी मांग उठी, लेकिन इस पर अमल नहीं हो पाया। पूर्व में विधानसभा और राज्य मंत्रालय भवन के बीच खाली पड़ी जमीन पर हेलीपैड प्रस्तावित किया गया था। यहां अधिक संख्या में हरे-भरे हजारों पेड़ काटने पड़ते, जिसके बाद जेल मुख्यालय की जमीन पर हेलीपैड बनाना प्रस्तावित किया गया था।

पहले मंत्रालय के रूफटाप पर बनना था हेलीपैड

वर्ष 2021 में राज्य मंत्रालय वल्लभ भवन के रूफटाप पर मुख्यमंत्री के लिए हेलीपैड बनाया जाना था। इसको लेकर विमानन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने मंत्रालय भवन का मौका मुआयना कर तैयारी शुरु कर दी थी। मंत्रालय की छत का निरीक्षण कर, छत का आकार व बिल्डिंग की क्षमता का आकलन किया गया था। एयरपोर्ट स्थित स्टेट हैंगर से मंत्रालय की 15 किमी दूरी के बीच हैवी ट्रैफिक के चलते यह निर्णय लिया गया था। लेकिन बात नहीं बनी और हेलीपैड के लिए स्थान परिवर्तन किया गया।

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