ब्रेकिंग
उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी आरक्षण, गरीबी और उपेक्षा: हाशिए पर खड़ा सवर्ण समाज कब तक सहेगा चुप्पी का दर्द : महिपाल मकवाना ग्वालियर यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने ढाया कहर, ऑटो मे मारी टक्कर ऑटो पलटने से तीन... भोपाल एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी, भोपाल अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में विशेष अभियान लापरवाही पर अफसरों की होगी जवाबदेही तय मुरैना: एसपी धर्मराज मीना की मानवीय पहल, बीमार मां के इलाज के लिए दिए ₹1 लाख सरकारी योजनाओं पर लग रहा पलीता: धरातल पर दम तोड़ रही जनहितैषी नीतियां सागर जहरीली शराब कांड: उमंग सिंघार का सरकार पर तीखा हमला, कहा- पाकिस्तान के बाद मध्य प्रदेश में हिंद...
व्यापार

मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई ग्रोथ 4 महीने में सबसे धीमी.

भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का विस्तार फरवरी में बीते चार महीनों में सबसे धीमी गति से हुआ। एसएंडपी ग्लोबल इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स फरवरी में 55.3 पर रहा, जो जनवरी में 55.4 से थोड़ा बेहतर था। इससे पता चलता है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सुधार हो रहा है।

भारत के विनिर्माण उद्योग ने अंतिम वित्तीय तिमाही में उत्पादन और नए ऑर्डर की मजबूत वृद्धि को बनाए रखा, हालांकि अंतरराष्ट्रीय बिक्री में उल्लेखनीय कमी आई। कंपनियों ने इनपुट खरीद को बढ़ाना जारी रखा, जबकि परिचालन लागत पर दबाव कम रहने से कौकरियों की संख्या में आंशिक विस्तार हुआ। इस बीच, इनपुट लागत मुद्रास्फीति चार महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई।

नए ऑर्डर मिलने की गति धीमी

डाटा से पता चला है कि घरेलू बाजार कंपनियों के व्यापार के विकास का मुख्य स्रोत था, क्योंकि विदेशों से नए ऑर्डर केवल आंशिक रूप से बढ़े। मौजूदा 11 महीने की अवधि की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय बिक्री में वृद्धि सबसे कमजोर थी। एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस में इकोनॉमिक्स की एसोसिएट डायरेक्टर पोलीन्ना डी लीमा ने कहा कि कंपनियों को मांग के लचीलेपन पर भरोसा था और उन्होंने अतिरिक्त इनपुट जोड़कर बिजनेस बढ़ाने का प्रयोग करना जारी रखा।

लगातार 20वें महीने बेहतर रहा पीएमआई

भारत के विनिर्माण क्षेत्र में वृद्धि की रफ्तार फरवरी में बरकरार रही और नए ऑर्डर के साथ-साथ उत्पादन भी जनवरी के समान बढ़ रहे हैं। फरवरी का पीएमआई डाटा लगातार 20वें महीने के लिए समग्र परिचालन स्थितियों में सुधार की ओर इशारा करता है।

आपको बता दें कि पीएमआई (PMI) की भाषा में 50 से ऊपर का मतलब विस्तार होता है, जबकि 50 से नीचे का स्कोर संकुचन को दर्शाता है। नवंबर में 26 महीने के निचले स्तर पर गिरने के बाद इनपुट लागत मुद्रास्फीति हर महीने बढ़ी।

Related Articles

Back to top button