ब्रेकिंग
खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी आरक्षण, गरीबी और उपेक्षा: हाशिए पर खड़ा सवर्ण समाज कब तक सहेगा चुप्पी का दर्द : महिपाल मकवाना ग्वालियर यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने ढाया कहर, ऑटो मे मारी टक्कर ऑटो पलटने से तीन... भोपाल एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी, भोपाल अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में विशेष अभियान लापरवाही पर अफसरों की होगी जवाबदेही तय मुरैना: एसपी धर्मराज मीना की मानवीय पहल, बीमार मां के इलाज के लिए दिए ₹1 लाख सरकारी योजनाओं पर लग रहा पलीता: धरातल पर दम तोड़ रही जनहितैषी नीतियां
मुख्य समाचार

येदियुरप्पा इस साल के अंत में होने वाले चुनावों से पहले चुनावी राजनीति छोड़ने के अपने फैसले से पीछे नहीं हटेंगे

बेंगलुरु । कर्नाटक के बीजेपी के दिग्गज नेता बीएस येदियुरप्पा ने कहा है कि वे इस साल के अंत में होने वाले राज्य चुनावों से पहले चुनावी राजनीति छोड़ने के अपने फैसले से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि यह यह कदम उठाने का फैसला पूरी तरह से उनका अपना था और उन्हें मजबूर नहीं किया गया था।
उन्होंने एक समाचार चैनल से कहा, मैंने कर्नाटक के लोगों से कहा, मैं राजनीति से संन्यास नहीं ले रहा हूं। मैं थका नहीं हूं, मैं प्रचार करूंगा और बीजेपी को सत्ता में लाऊंगा। मैं राज्य का दौरा करूंगा। बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिलेगा, चुनावी राजनीति छोड़ना मेरा फैसला था, किसी ने मुझे मजबूर नहीं किया। मैं लोगों को समझाऊंगा कि मैंने यह फैसला क्यों लिया।
लिंगायत समुदाय के प्रभावशाली नेता ने कहा कि, मैंने (बसवराज) बोम्मई को स्थान देने के लिए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। चुनावी राजनीति में मेरी अनुपस्थिति एक चुनौती है और बीजेपी को इन चुनौतियों का सामना करना चाहिए। मैं चुनाव नहीं लड़ने के अपने फैसले से पीछे नहीं हटूंगा।
उन्होंने बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष नलिन कटील के 18वीं सदी के मैसूर के शासक टीपू सुल्तान और हिंदुत्व के विचारक वीडी सावरकर को मतदाताओं के ध्रुवीकरण की रणनीति के रूप में देखने के विचार की भी आलोचना की।
उन्होंने कहा, मैं टीपू बनाम सावरकर की कहानी से सहमत नहीं हूं। यह टीपू बनाम सावरकर नहीं है, बल्कि बीजेपी की नीतियों और योजनाओं की कहानी बनेगी।

Related Articles

Back to top button