ब्रेकिंग
खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी आरक्षण, गरीबी और उपेक्षा: हाशिए पर खड़ा सवर्ण समाज कब तक सहेगा चुप्पी का दर्द : महिपाल मकवाना ग्वालियर यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने ढाया कहर, ऑटो मे मारी टक्कर ऑटो पलटने से तीन... भोपाल एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी, भोपाल अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में विशेष अभियान लापरवाही पर अफसरों की होगी जवाबदेही तय मुरैना: एसपी धर्मराज मीना की मानवीय पहल, बीमार मां के इलाज के लिए दिए ₹1 लाख सरकारी योजनाओं पर लग रहा पलीता: धरातल पर दम तोड़ रही जनहितैषी नीतियां
विदेश

हिजबुल आतंकी बशीर अहमद की रावलपिंडी में गोली मारकर हत्या

पाकिस्तान के रावलपिंडी में सोमवार को हिजबुल मुजाहिद्दीन का टॉप कमांडर बशीर अहमद पीर मारा गया। हमलावर ने रावलपिंडी में एक दुकान के बाहर पीर को गोली मारी गई, जिससे उसकी मौत हो गई। पिछले साल 4 अक्टूबर को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के चलते उसे आतंकवादी घोषित कर दिया गया था। पीर हिजबुल मुजाहिद्दीन, लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों को आगे बढ़ाने के लिए पूर्व-आतंकवादियों को एकजुट करने के लिए कई ऑनलाइन एक्टीविटीज में शामिल था। बशीर अपने घर के पास मस्जिद में नमाज पढ़ने गया था। मस्जिद से बाहर निकलने के बाद वह एक दुकान के पास खड़ा हो गया। इसी दौरान दो हमलावर बाइक से आए और गोली मारकर बशीर की हत्या कर दी।

बशीर अहमद को इम्तियाज आलम के नाम से भी जाना जाता था। जम्मू-कश्मीर में कई आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने में इसका हाथ था। वह हाजी, पीर और इम्तियाज के कोड नाम से जम्मू कश्मीर में आतंकी घटनाओं को अंजाम देता था। बशीर पिछले कुछ सालों से रावलपिंडी में रह रहा था। पाकिस्तान सरकार ने उसे अपने देश की नागरिकता दे दी थी।

आतंकी संगठन में सक्रिय करने में जुटा था
बशीर को ISI ने जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ कराने का जिम्मा सौंप रखा था। वह जम्मू-कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा के पूर्व आतंकियों को फिर से एक्टिव करने में जुटा था। वह इंटरेनट के जरिए कश्मीर के खिलाफ लगातार लोगों को भड़का रहा था।

 

Related Articles

Back to top button