ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
मध्यप्रदेश

दूध की बोतल धोने गई महिला का दो साल का बच्चा चोरी

उज्जैन | उज्जैन रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर बुकिंग खिड़की के पास से दो साल का बच्चा चोरी हो गया। मां अपने बेटे को बेंच पर लेटाकर दूध की बोतल धोने गई थी, इतने में ही उसका बच्चा चोरी हो गया। जीआरपी थाने ने सीसीटीवी चेक किए। इसमें आरोपी बच्चे को उठाकर ले जाते हुए दिखा, घटना के करीब  28 घंटे बाद अपहरण की रिपोर्ट लिखी।उज्जैन के बागपुरा निवासी वैष्णवी (22) पति श्रवण से झगड़ा होने पर दो साल के बेटे वंश को लेकर 23 दिसंबर की रात रेलवे स्टेशन पहुंच गई। वह भोपाल में बड़ी मां के घर जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रही थी। 24 दिसंबर की सुबह 10:35 बजे वह दूध की बोतल धोने के लिए बच्चे को प्लेटफॉर्म नंबर एक स्थित बुकिंग खिड़की की बेंच पर लेटाकर गई, इतने में उसका बच्चा गायब हो गया।

बच्चे को न पाकर महिला बुरी तरह घबरा गई और जीआरपी थाने पहुंची, लेकिन यहां से पुलिस ने उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी। महिला अकेले ही बच्चे की तलाश में पूरे स्टेशन और सड़कों पर भटकती रही। देर रात घर पहुंची। पति को बताया कि बच्चा कोई उठा ले गया है। घरवाले भी ये सुनते ही बच्चे को खोजने में जुट गए। अगले दिन 25 दिसंबर की शाम चार बजे फुटेज में बच्चे के अपहरण की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने रिपोर्ट लिखी। इस लेटलतीफी में 28 घंटे का समय निकल गया। बच्चे का अभी तक पता नहीं चला है।महिला ने कहा कि पति से झगड़ा होने पर मैं बेटे वंश को लेकर बड़ी मां के घर भोपाल जाने को निकली थी। रात में स्टेशन पर ही रही। सुबह एक व्यक्ति बिस्किट देने के बहाने आया।

करीब 10-15 मिनट बाद मैं बच्चे को बेंच पर लेटाकर दूध की बोतल धोने सामने नल तक गई, इतने में बच्चा चला गया। जीआरपी थाने गई तो टीआई ने अपशब्द कहे और थप्पड़ मारा। कहा- तूने ही बच्चा तो नहीं उठवा दिया। सबूत मांगने लगे। मैंने कहा- गलत हूं, तो कैमरे चेक कर लो। पुलिस ने मेरी नहीं सुनी। बोले- जाओ रिपोर्ट लिख ली है, कहते हुए भगा दिया। मैं रात तक भटकी और घर पहुंची इसके बाद अगले दिन मेरी रिपोर्ट लिखी।रोगी कल्याण समिति के सदस्य रहे राजेश बोड़ाना ने बताया, मैं देवासगेट पर किसी काम से आया था। यहां महिला और उसके परिजन बच्चे को खोज रहे थे।

यहां देवासगेट थाने के टीआई राममूर्ति शाक्य को घटना बताई। उन्होंने एएसआई शर्मा और पुलिसकर्मी गोरेलाल को मदद के लिए भेजा। मैं भी जीआरपी थाने गया। एएसपी आरएस महाजन से निवेदन किया कि महिला से सबूत मांग रहे हैं, कैमरे तो चेक कर लो। वे बोले- जो समय बताया, उसमें घटना नहीं दिखी। मैंने फिर कहा- समय आगे-पीछे हो सकता है, थोड़ा पहले के फुटेज देख लें। इसके बाद उन्होंने कैमरे चेक कराए तो एक व्यक्ति बच्चा ले जाते दिखा, इसके बाद टीआई कुछ नहीं बोले और रिपोर्ट लिख ली।

Related Articles

Back to top button