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मध्यप्रदेश

एसआईटी की जांच में हुआ खुलासा, डॉ अश्विनी पाठक की पत्नी दुहिता पाठक खुद को बताया करती थी डॉक्टर | SIT investigation revealed, Dr. Ashwini Pathak’s wife Duhita Pathak used to call herself a doctor

जबलपुर: आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा करने के मामले में सेंट्रल इंडिया किडनी अस्पताल के डॉ अश्विनी पाठक और उनकी पत्नी दुहिता पाठक के मामले में लगातार एस.आई.टी जांच कर रही है। जांच में अब खुलासा हुआ है कि डॉ अश्विनी पाठक की पत्नी और अस्पताल के डायरेक्टर दुहिता पाठक अपने आपको डॉक्टर बताया करती थी, जबकि वह डॉक्टर नहीं थी। इतना ही नहीं मरीजों के इलाज से जुड़ी तमाम फाइलों को वह स्वयं जांचा करती थी। अस्पताल में पदस्थ कर्मचारी भी मरीजों को यह बताते थे कि दुहिता पाठक डॉक्टर है, वह फाइल जांचने के बाद मरीजों का क्या इलाज करना है और क्या नहीं यह भी निर्देश दिया करती थी।एस.आई.टी ने अपनी जांच में खुलासा किया है कि सेंट्रल इंडिया किडनी अस्पताल में आने वाले हर एक मरीज को डॉ अश्विनी पाठक के पास भेजा जाता था, जो कि मेडिकल कॉलेज में पदस्थ रहे हैं। ड्यूटी समय पर भी उनके द्वारा निजी अस्पताल में बैठकर इलाज करने की जानकारी अभी सामने आई है। इस पूरे मामले में जांच कर रही एस.आई.टी की टीम ने मरीजों की भर्ती स्लिप भी जप्त की है।जानकारी के मुताबिक एस.आई.टी ने डॉ अश्विनी पाठक और उनकी पत्नी दुविधा पाठक से जेल में जाकर पूछताछ की थी। एस.आई.टी जांच में खुलासा हुआ है कि दलाल रईसा बेगम कई और अस्पतालों में आयुष्मान हितग्राहियों को मरीज बनाकर भर्ती कराती थी। पाठक दंपत्ति ने दो अस्पतालों के नामों का खुलासा भी किया है जो कि अब एस.आई.टी की जांच के दायरे में आ गए हैं। सेंट्रल इंडिया किडनी अस्पताल में मरीजों को लाकर भर्ती करने वाली दलाल रईसा बेगम आयुष्मान घोटाला उजागर होने के बाद से ही के बाद से ही लगातार फरार है जिसे कि एस.आई.टी तलाश कर रही है।

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