ब्रेकिंग
उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी आरक्षण, गरीबी और उपेक्षा: हाशिए पर खड़ा सवर्ण समाज कब तक सहेगा चुप्पी का दर्द : महिपाल मकवाना ग्वालियर यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने ढाया कहर, ऑटो मे मारी टक्कर ऑटो पलटने से तीन... भोपाल एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी, भोपाल अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में विशेष अभियान लापरवाही पर अफसरों की होगी जवाबदेही तय मुरैना: एसपी धर्मराज मीना की मानवीय पहल, बीमार मां के इलाज के लिए दिए ₹1 लाख सरकारी योजनाओं पर लग रहा पलीता: धरातल पर दम तोड़ रही जनहितैषी नीतियां सागर जहरीली शराब कांड: उमंग सिंघार का सरकार पर तीखा हमला, कहा- पाकिस्तान के बाद मध्य प्रदेश में हिंद...
हरियाणा

वापस लौटाए गए ट्रैक्टरों में किसी की लाइट टूटी तो किसी के बोनट को रस्सियों से बांधकर चलाया जा रहा काम

फरीदाबाद: आठ महीने पहले दिया गया था वेंडरों को, 25 में से 10 ट्रैक्टरों की हालत हो गयी है खराब।किसी भी ट्रैक्टर कर रजिस्ट्रेशन तक नहीं, नगर निगम ने बिना किसी शर्त के ईकोग्रीन कंपनी को दे दिया था।नगर निगम को दान में मिले ट्रैक्टरों को ईकोग्रीन कंपनी ने वेंडरों से लेकर वापस तो लौटा दिए लेकिन इनकी हालत खराब हो चुकी है। अधिकांश ट्रैक्टरों कीलाइट टूटी है तो कई के बोनट को रस्सियों से बांधकर चलाया जा रहा है। आठ महीने में ही वेंडरों ने नए ट्रैक्टरों की हालत खराब कर दी। अब इसे ठीक कराने में भी नगर निगम को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। हैरानी की बात ये है कि अधिकारियों ने सांठगांठ करके बिना किसी शर्त के साथ नगर निगम ने कंपनी के वेंडरों को सौंप दिया था। इस मामले की जब शिकायत विजिलेंस के पास पहुंची और उसकी जांच शुरू हुई तो खुद को फंसता देख निगम अधिकारी आनन फानन में ट्रैक्टरों को वापस मंगाकर सभागार के सामने खड़ा दिया है।बता दें कि इंडियन ऑयल की अोर से सीएसआर के तहत मार्च 2022 में कूड़ा उठाने के लिए छोटे बड़े 50 ट्रैक्टर दिए गए थे। इनमें से 25 छोटे ट्रैक्टरों काे नगर निगम में स्वच्छता अभियान का काम देख रहे अधिकारियों ने सांठ गांठ करके बिना किसी सेवा शर्त और रजिस्ट्रेशन कराए ही उन ट्रैक्टरों को ईकोग्रीन कंपनी के वेंडरों को दे दिया। वेंडरों ने आठ महीने में ही ट्रैक्टरों की हालत खराब कर दी। निगम सभागार के पीछे खड़े 25 ट्रैक्टरों में से अधिकांश की हालत खराब हो चुकी है। दस ट्रैक्टरेां की लाइटें तक टूट गई है। उधर एक्सईएन व्हीकल नितिन कादयान का कहना है कि वापस किए गए ट्रैक्टरों की जांच की जाएगी। जो भी खराबी होगी उसकी वसूली संबंधित कंपनी से की जाएगी।

Related Articles

Back to top button