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उत्तरप्रदेश

कहा- 15 दिनों से ब्लॉक का लगा रहे चक्कर, ऑफिस वाले बताते हैं साहब नहीं आएंगे

कुशीनगर:  कुशीनगर के विकास खण्ड रामकोला में समस्याओं को लेकर पहुंचे लोगों का अधिकारियों के न होने से निराश होकर लौटना पड़ा रहा हैं। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के दौरे पर रामकोला ब्लॉक क्षेत्र के किये निरीक्षण में खामियां मिलने पर सहायक विकास अधिकारी समेत आधा दर्जन लोगों पर कार्रवाई की गयी।जिसके बाद लोगों को समस्या न हो इसलिए रिक्त एडीओ के पद पर एडीपीआरओ को चार्ज दे दिया गया। लेकिन वह जिला छोड़ ब्लॉक पर आते ही नहीं। जिसके कारण फरियादियों को ब्लॉक से निराश लौटना पड़ता हैं। जब प्रभारी एडीओ पंचायत से उनके न होने का कारण पूछा गया तो उन्होंने डीपीआरओ के न होने का हवाला दिया।रामकोला के एडीओ (पंचायत) का कार्यालय।फरियादियों को होना पड़ रहा निराशविकास खण्ड कार्यक्रम रामकोल में इन दिनों फरियादियों को अपने काम को लेकर निराश लौटना पड़ा रहा हैं। उपमुख्यमंत्री के निरीक्षण में खामियों के बाद तत्कालीन एडीओ पंचायत को चार्ज से हटा दिया गया। जिसके बाद लोगो और विकास का कार्य न रुके उसके लिए एडीओ पंचायत का अतिरिक्त प्रभार जिले के एडीपीआरओ मक्कन यादव संभाल रहे हैं, लेकिन वह ब्लॉक मुख्यालय पर आते ही नहीं जिससे आम लोगों को तमाम कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा। सहायक विकास अधिकारी के दफ्तर के सामने आधा दर्जन फरियादी बिना उनके उपस्थिति के खड़े थे। जब उनसे पूछा गया तो वह बताए कि लगभग दो सप्ताह से साहब से मिलने आते हैं, लेकिन साहब से मुलाकात नहीं हो पाती।दौड़ते-दौड़ते परेशान हैं ग्रामीणमांडेराय निवासी ग्यासुदीन अंसारी ने बताया कि मैं लगभग 15 दिनों से ब्लॉक का चक्कर लगा रहा हूं। जीवन बीमा से संबंधित पेपर पर काउंटर साइन करवाना है, लेकिन पंचायत साहब से मुलाकात नहीं हुई। ऑफिस में पूछने पर पता चलता है कि साहब आज नहीं आएंगे। उर्दहा निवासी रामरतन, धर्मसमधा निवासी ओम प्रकाश, इन्द्रसेनवा निवासी बटोही सहित दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि वह दौड़ते-दौड़ते परेशान हैं।रामकोला के एडीओ (पंचायत) की ऑफिस।जिले पर डीपीआरओ पद का कार्यभाल देख रहेखण्ड विकास अधिकारी रामकोला उषा पाल ने कहा कि मैं देखती हूं इस संबंध में क्या कर सकती। मेरे अधिकार क्षेत्र में जो भी है, मैं उसे पूरी करती हूं। अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे एडीओ (पंचायत) मक्कन यादव से बात की गई तो उन्होंने बताया की जिले में 15 दिनों से डीपीआरओ नही हैं। जिसके कारण जिले पर डीपीआरओ पद का कार्यभार संभाल रहे हैं। इसीलिए रामकोला ब्लॉक पर आने में असमर्थ हूँ। लोगो को दिक्कत हो रही तो उसमें मैं क्या कर सकता हूँ।

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