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AAP गठबंधन के साथ या बाहर, आखिर कंफ्यूजन क्या है?

पंजाब में कांग्रेस की दाल गलती नजर नहीं आ रही है, आम आदमी पार्टी के नेता संदीप पाठक के हालिया बयान से एक बार फिर ये साफ हो गया कि यहां पर शीट शेयरिंग मुद्दे पर सहमति बनाने के लिए कांग्रेस को अतिरिक्त जोर लगाना होगा. संदीप पाठक ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. शीर्ष लीडरशिप ही इस बारे में फैसला लेगी.

पंजाब में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के नेता गठबंधन को लेकर अलग-अलग बयान देते रहे हैं. दोनों ही पार्टी के लीडर अलग-अलग चुनाव लड़ने का भी दावा कर चुके हैं. हाल ही में पंजाब सीएम भगवंत मान के पंजाब में सभी 13 लोकसभा सीटें जीतने के बयान के बाद आम आदमी पार्टी के सांसद और संगठन महासचिव संदीप पाठक ने इस बारे में स्पष्टीकरण दिया है.

सीट शेयरिंग में हो रही देरी

इंडिया गठबंधन के दलों के बीच सीट शेयरिंग के लिए अभी तक सहमति नहीं बन सकी है. कई बारत तारीख तय किए जाने के बाद ऐसा न हो पाना बड़ी कमजोरी माना जा रहा है. अब आम आदमी पार्टी ने भी माना है कि सीट शेयरिंग पर फैसला करने में देरी हो रही है. जल्द ही कांग्रेस के साथ बैठक कर सीटों का बंटवारा तय करना होगा.

बंगाल में भी फंसा है पेंच

बंगाल में भी सीट शेयरिंग के फॉर्मूले पर पेंच फंसा है. बुधवार को ममता बनर्जी ने एक बार फिर ये ऐलान किया कि वह चुनाव अकेले ही लड़ेंगी. कांग्रेस ने डैमेज कंट्रोल का प्रयास किया और जयराम रमेश ने यहां तक कहा कि ममता के बिना गठबंधन की कल्पना मुश्किल है. दरअसल बंगाल में पेंच सीटों पर ही फंसा है. बंगाल की 42 सीटों में से 20 पर टीएमसी काबिज है. यहां कांग्रेस को सिर्फ 2 सीटें मिली हैं. ममता कांग्रेस को सिर्फ यही दो सीटें देने के लिए तैयार है, जबकि कांग्रेस यहां सात सीटें मांग रही है, जिसे ममता बनर्जी मानने को तैयार नहीं हैं.

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