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मध्यप्रदेश

ठंड से राहत देने चिड़ियाघर के जानवर व पक्षियों को खिला रहे मिलेट्स

ग्वालियर सर्दी बढ़ी तो फूलबाग स्थित चिड़ियाघर के जानवरों के खाने के मेन्यू में बदलाव किया गया है। उन्हें खाने में मिलेट्स दिए जा रहे हैं जिससे उन्हें कड़ाके की ठंड से बचाया जा सके। पिछले चार दिन से कोल्ड डे के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। इस कारण से जानवर से लेकर पक्षियों का खास ख्याल रखा जा रहा है। यह सर्दी जानलेवा साबित न हो। इसलिए जानवरों को गुड़, चना, ज्वार-बाजरा भी खाने में शामिल किया गया है। आलम यह है कि जानवर और पक्षियों के लिए ठंड से बचाने हेतु गर्म तासीर वाले भोजन और हाइड्रेट रखने वाले खाद्य पदार्थों को मैन्यू में शामिल किया गया है। जिसमें गुड़, चना, दाल, लड्डू, धनिया, मैथी, खल और नमक आदि शामिल है। खाने से लेकर रहने तक की व्यवस्था ठंड के अनुसार बनाने में जू प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। जानवरों के बाड़ों के आसपास गश्त बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही जानवरों को गर्म वातावरण देने के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं।

ठंड से बचाव की खास व्यवस्था

चिड़ियाघर प्रभारी गौरव परिहार का कहना है कि वन्यजीवों के लिए ठंड में रहने और उनके भोजन की खास व्यवस्था की गई है। चिड़ियाघर में मौजूद सांभर, काकड़, चीतल को ठंड से बचाने के लिए जू प्रशासन ने खास व्यवस्था की है। इन वन्य जीवों के लिए भोजन में कुट्टी की मात्रा बढ़ाने के साथ गुड़, खल और नमक की मात्रा शामिल कर दी गई। इसके साथ ही बंदरों के लिए गुड़-चना, हिरन के लिए लूसन, पक्षियों के लिए धनिया, मैथी, हरी मैथी, दाल, चना, मक्का, ज्वार-बाजरा और भालू के लिए शहद दिया जा रहा है।

माद के द्वार खुले छोड़े

चिड़ियाघर प्रबंधन ने भालू, टाइगर, लायन लेपर्ड आदि के माद का द्वार खुला रखा है। इससे वह दिन में आराम से बाहर टहलें और ठंड लगे तो अपनी माद में जाकर बैठ सकें। माद के अंदर रूम हीटर लगाया गया है जिससे उन्हें गर्मी मिले। इसी तरह से पक्षियों के लिए कर्टन लगाया गया तो साथ ही हैलोजन और बड़े बल्ब लगाने के साथ सूखी घास रखी गई है जिससे वह आराम से रह सकें।

सांपों के लिए लगाए बड़े बल्ब और सूखा घास

सर्दियों में सरीसृप वर्ग के जीव सुप्तावस्था में चले जाते हैं। इनमें सांप भी आते हैं। चिड़ियाघर में दो दर्जन से अधिक सांप हैं। चिड़ियाघर प्रशासन ने सांपों के लिए भी खास व्यवस्था की है। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि सांपों के स्थान पर बल्ब लगा दिए और सूखा घास रखा गया है।

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