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मध्यप्रदेश

अयोध्या तक पहुंचने साढ़े चार हजार किलोमीटर का सफर पैदल तय कर रहे राम भक्त

जबलपुर। यह यात्रा साढ़े चार हजार किलोमीटर के लगभग की होगी जो धनुष्कोटी रामेश्वरम, तमिलनाडु के अन्य स्थलों से होते हुए कर्नाटक, हंपी, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश होते हुए उत्तर प्रदेश में काशी होते हुए अयोध्या में पूर्ण होगी। इस धर्म यात्रा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों एवं अन्य अनुसांगिक, सामाजिक संगठनों के द्वारा उनके मार्ग की रहने एवं भोजन की व्यवस्था की जा रही है। यह पूरी यात्रा आनंद अमूल के सहकारी संघ के सहयोग से भी हो रही है। अगस्त जी अपने पिता जी और भाई के साथ इस यात्रा को अयोध्या में पूर्ण करने के पश्चात वापसी में उज्जैन महाकालेश्वर का दर्शन करके घर को जाएंगे।

बलिदानियों को पुष्पांजलि अर्पित कर के यात्रा पूरी की

इसके पूर्व यह दो यात्राएं कर चुके हैं पहली यात्रा एक दिवसीय थी जो सरदार वल्लभ भाई पटेल के केस्टैचू ऑफ यूनिटी से प्रारंभ करके उनके घर पर पूर्ण की और दूसरी यात्रा स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में अपने घर आनंद जिले बड़ोदरा से नई दिल्ली अमर जवान ज्योति तक 1100 किलोमीटर की जो 15 दिवसों में अमर बलिदानियों को पुष्पांजलि अर्पित कर के पूरी की गई।

तिलवारा घाट से आगे गुरु की रसोई में पहुंची

यह अगस्त जी की तीसरी यात्रा है। इस यात्रा को करने का उद्देश्य जब उन्होंने अपने पिता को बताया कि मैं स्केटिंग से श्रीराम जन्मभूमि तक एक बड़ी यात्रा करना चाहता हूँ, तो उनके पिता घनश्याम भाई जी ने उनका उत्साह वर्धन करते हुए उन्होंने स्वीकृति दी। इस यात्रा में अगस्त जी को चिखली महाराष्ट्र से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने उनका मार्ग में भोजन एवं निवास की व्यवस्था में सहयोग किया है और आगे भी कर रहे हैं। जबलपुर में यह यात्रा कल शाम 6:30 बजे तिलवारा घाट से आगे गुरु की रसोई में पहुंची जहां पर उनका स्वागत किया गया।

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