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मध्यप्रदेश

20 लाख बिजली उपभोक्ता को दे दिया बिना रीडिंग का बिल

जबलपुर। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 21 जिलों में मनमाने बिजली बिलों की समस्या बनी हुई है। इसकी वजह आंकलित बिल जारी होना है। कंपनी क्षेत्र में 20 लाख उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्हें मासिक बिजली बिल रीडिंग के बिना दिया जा रहा है। यानी आंकलन पर।

मीटर बंद या जलने की वजह से ये आंकलित बिल भेजे जा रहे हैं

कंपनी का दावा है कि मीटर बंद या जलने की वजह से ये आंकलित बिल भेजे जा रहे हैं। इसमें घरेलू उपभोक्ता से ज्यादा गैर घरेलू उपभोक्ता है जिन्हें आंकलन के आधार पर बिल दिया जा रहा है। बिल सहीं तरीके से जारी नहीं होने से पिछले साल की तुलना में राजस्व संग्रह भी 5.46 प्रतिशत घट गया है। अब कंपनी बिल वसूली को लेकर सख्ती की तैयारी कर रही है।

उपभोक्ता कई ऐसे है जिनके परिसर में मीटर ही नहीं है

बिजली कंपनी एक तरफ स्मार्ट मीटर लगा रही है। उपभोक्ता कई ऐसे है जिनके परिसर में मीटर ही नहीं है। हालांकि बिना मीटर वाले उपभोक्ता ग्रामीण क्षेत्र में है। बिजली कंपनी के पास मीटर भी पर्याप्त होने के बावजूद खराब मीटरों को बदला नहीं जा सका है जिसका नतीजा ये है कि आंकलन के आधार पर उपभोक्ताओं को बिल जारी किया जा रहा है भले ही उपभोक्ता की खपत कम हुई लेकिन उसे अधिक बिल अदा करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

गांव में सबसे ज्यादा मीटर बंद

ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा मनमाने बिल भेजे जा रहे हैं। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के जबलपुर,सागर, शहडोल, रीवा संभाग में 54 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ताओं जिनकी संख्या 1867183 है इन्हें आंकलन के आधार पर बिजली का बिल भेजा रहा है। सिर्फ यही नहीं गैर घरेलू यानि व्यावसायिक उपभोक्ता चाय-पान, दुकान और अन्य व्यावसाय वाले उपभोक्ता को भी आंकलित बिल मिल रहा है। इसमें इंडस्ट्री के उपभोक्ता भी शामिल है।

बिजली बिल मीटर रीडिंग के आधार पर ही जारी करने का प्रयास होता है। कुछ जगह जरूर मीटर जल या खराब है जिन्हें बदलने की प्रक्रिया की जा रही है बंद मीटर पर आंकलित बिल ही जारी करने का प्रविधान है।

अशोक कुमार धुर्वे,सीजीएम वाणिज्य पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी।

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