ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मध्यप्रदेश

फिलहाल जारी रहेगा छिटपुट बौछारें पड़ने का सिलसिला तीन दिन बाद झमाझम के आसार

भोपाल। वातावरण में नमी बढ़ने के कारण प्रदेश के अधिकतर जिलों में बादल छाए हुए हैं। साथ ही कहीं-कहीं वर्षा भी हो रही है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ छिटपुट वर्षा का सिलसिला अभी दो-तीन दिन तक बना रहेगा। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात के आगे बढ़ने पर तीन दिन बाद झमाझम वर्षा का दौर शुरू हो सकता है।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे तक छिंदवाड़ा में 62.4, रीवा में 39.4, खरगोन में 26.2, इंदौर में 22, रतलाम में 11, भोपाल में 8.4, खंडवा में आठ, शिवपुरी में सात, उमरिया में 6.4, नर्मदापुरम में 3.8, पचमढ़ी में 3.4, गुना में 2.6, सिवनी में 1.6, धार में 1.6, मंडला में 1.4, दमोह में एक मिलीमीटर वर्षा हुई। उज्जैन, मलाजखंड एवं सागर में बूंदाबांदी हुई।

वर्तमान में मानसून द्रोणिका राजस्थान से मप्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। बंगाल की खाड़ी में आंध्रा तट पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बन गया है। उत्तर प्रदेश के मध्य में एवं दक्षिणी गुजरात पर भी हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बने हुए हैं। महाराष्ट्र के तट से लेकर केरल के तट तक एक अपतटीय द्रोणिका बनी हुई है।

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि अपेक्षाकृत नमी नहीं मिलने के कारण अभी प्रदेश में गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं छिटपुट बौछारें ही पड़ने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में आंध्रा कोस्ट के पास बना चक्रवात कुछ और गहरा गया है, लेकिन इस मौसम प्रणाली के आगे बढ़ने के बाद तीन दिन बाद ही प्रदेश में लगातार अच्छी वर्षा होने की उम्मीद है।

Related Articles

Back to top button