ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मध्यप्रदेश

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय ने सीएम मोहन यादव को पत्र लिख कर दी ऐसी सलाह, जिससे लोग हो जाएंगे मालामाल

भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने प्रदेश में मूंग का उत्पादन बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव को पत्र लिखकर सुझाव दिया है। दिग्विजय ने कहा है कि मार्च में तवा डैम की नहर को बंद करने के बजाए सतत कम गेज के साथ खुला रखने से किसान रबी की फसल कटाई के तत्काल बाद मूंग की फसल बो सकेंगे। इससे कटाई के समय मौसम के कारण उत्पन्न जोखिम को कम किया जा सकता है और पानी का अधिक से अधिक उपयोग किया जा सकता है।

ग्रीष्मकालीन मूंग उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा

दिग्विजय ने पत्र में कहा है कि नर्मदापुरम जिले में स्थित तवा डैम से करीब 3.5 लाख हेक्टेयर भूमि पर प्रत्यक्ष और काफी बड़े क्षेत्रफल में अप्रत्यक्ष रूप से सिंचाई होती है। तवा डैम के सिंचाई क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन मूंग की बहुत अच्छी फसल होती है। कुछ तैयारियों के साथ मूंग के उत्पादन को और अधिक बढ़ाया जा सकता है। आगामी ग्रीष्मकालीन फसल का संभावित उत्पादन 90 लाख टन तक हो सकता है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी तथा सरकार को भी लगभग 1400 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। तवा डैम के सिंचाई क्षेत्र में मूंग की फसल का अधिकतम उत्पादन प्राप्त करने के लिए किसान पाठशाला का आयोजन किया जा सकता है।

Related Articles

Back to top button