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मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश में शुक्रवार से मानसून की गतिविधियों में आने लगेगी कमी

भोपाल। मध्‍य प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र के मध्य में हवा के उपरी भाग में बना चक्रवात दक्षिणी उत्तर प्रदेश पर चला गया है। मानसून द्रोणिका भी उत्तर प्रदेश से होकर गुजर रही है।

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इन मौसम प्रणालियों के असर से गुरुवार को रीवा, सागर, ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में अधिकांश स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है। शेष क्षेत्रों में आंशिक बादल रहेंगे। बीच-बीच में धूप भी निकलेगी। उधर बुधवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक शिवपुरी में तीन मिलीमीटर वर्षा हुई। भोपाल में बूंदाबांदी हुई।

मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में दक्षिणी उत्तर प्रदेश के मध्य में हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। मानसून द्रोणिका राजस्थान, उत्तर प्रदेश पर बने चक्रवात से बिहार, पश्चिम बंगाल से होकर बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है।

इस चक्रवात से लेकर नगालैंड तक एक द्रोणिका बनी हुई है। गुजरात पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि इन मौसम प्रणालियों के असर से गुरुवार को ग्वालियर, चंबल,सागर, रीवा संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा होने की संभावना है। शेष क्षेत्रों में नमी बरकरार रहने के कारण आंशिक बादल बने रहेंगे। शुक्रवार के बाद मानसून की गतिविधियों में कमी आने के भी आसार हैं।

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