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मध्यप्रदेश

लोकायुक्त कार्रवाई में पकड़े गए वार्ड प्रभारी को छिंदवाड़ा भेजा

भोपाल। नगर निगम में बीते एक दशक में लोकायुक्त द्वारा की गई कार्रवाई के बाद जांच प्रभावित होने के डर से उसे मुख्यालय अटैच कर दिया जाता था। लेकिन नगरीय प्रशासन विभाग में शिकायत के बाद पहली बार एक वार्ड प्रभारी का तबादला छिंदवाड़ा किया गया है। बता दें कि इनके खिलाफ उपभोक्ता से छह हजार रुपये की रिश्वत लेने का आरोप था। जिसकी शिकायत नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग में भी की गई थी।

जानकारी के अनुसार बीते छह जून को वार्ड क्रमांक 81 के प्रभारी कैलाश यादव मूल पद सहायक राजस्व निरीक्षक को एक मामले में छह हजार की रिश्वत मांगने के चलते लोकायुक्त ने रिकार्डिंग के आधार पर प्रकरण दर्ज किया। इस मामले में जोन क्रमांक 19 के जोनल अधिकारी मयंक जाट सहित कैलाश से पक्ष भी लिया गया। जिसके बाद कार्रवाई प्रभावित न हो इस संबंध में लोकायुक्त द्वारा नगरीय प्रशसन विभााग द्वारा अभियोजन के दौरान कैलाश का स्थानांतरण भोपाल से अन्यत्र करने की मांग की गई। जिसके बाद कैलाश को भोपाल नगर निगम से छिंदवाड़ा भेज दिया गया। हालांकि कैलाश को वर्तमान समय तक निगम की और से कोई कार्रवाई न कर केवल वार्ड प्रभारी के दायित्वों से मुक्त किया गया था, लेकिन कैलाश नियमित तौर पर वार्ड 81 में अपनी हाजरी देता रहा। इसके बाद छिंदवाड़ा भेजे जाने के आदेश नगरीय प्रशासन विभाग के सह आयुक्त भरत यादव ने जारी किए जिसके बाद अब जाकर इस मामले में कैलाश को रिलिव करने की तैयारी की जा रही है।

यह था मामला

वार्ड 81 में टैक्स सेटलमेंट के नाम पर कैलाश ने अरूण राय नामक व्यक्ति से छह हजार रूपए की रिश्वत मांगी थी। जिसकी शिकायत अरूण ने लोकायुक्त को की थी। जिसके बाद इस मामले में लोकायुक्त ने कैलाश को अपना पक्ष रखने के लिए सात जून को बुलाया था। इस दौरान जोनल अधिकारी मयंक जाट से भी स्पष्टीकरण लिया गया था। इसके बाद से ही कैलाश पर कार्रवाई प्रस्तावित थी।

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