ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
मध्यप्रदेश

एमपी हाई कोर्ट में पहली सुनवाई में वापस ले ली गंदे पानी को लेकर लगाई याचिका

इंदौर। नलों में आ रहे दूषित और गंदे पानी की समस्या को लेकर हाई कोर्ट में प्रस्तुत जनहित याचिका याचिकाकर्ता ने पहली सुनवाई पर ही वापस ले ली। कोर्ट ने उनसे कहा कि वे याचिका नए प्रारूप में प्रस्तुत करें। याचिकाकर्ता का कहना है कि उन्होंने नए प्रारूप में याचिका दायर कर दी है। संभवत: इसकी सुनवाई अगले सप्ताह होगी।

फौजिया शेख ने किया था दायर

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में यह जनहित याचिका पूर्व नेता प्रतिपक्ष फौजिया शेख ने दायर की थी। इसमें नलों में आ रहे गंदे पानी का मुद्दा उठाया गया था। कहा था कि कई जगह नल में ऐसा पानी आ रहा है कि इसे इस्तेमाल तक नहीं कर सकते। याचिकाकर्ता ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से नलों में आ रहे पानी के सैंपल लेकर नगर निगम की लैब में जांच करवाई थी।

रिपोर्ट में चौकाने वाली बात सामने आई कि ज्यादातर जगह नल से आ रहा पानी पीने योग्य नहीं है। कुछ जगह तो इसमें जहरीले तत्व भी मिले। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट और पूर्व पार्षद शेख अलीम ने बताया कि कोर्ट की अनुमति से हमने नए प्रारूप के हिसाब से याचिका प्रस्तुत कर दी है।

Related Articles

Back to top button