ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
दिल्ली NCR

राज्यसभा से सस्पेंड हुए AAP के सदस्य राघव चड्ढा

आम आदमी पार्टी के सदस्य को भी आज राज्यसभा से सस्पेंड कर दिया गया। अशोभनीय आचरण के आरोप में  चड्ढा विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक राज्यसभा से निलंबित किया गया है।

बता दें कि इससे पहले राघव चड्ढा ने वीरवार को दिल्ली सेवा विधेयक से संबंधित एक प्रस्ताव में पांच सांसदों के जाली हस्ताक्षर करने का आरोप लगाए जाने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा और कहा कि वह उनकी आवाज को ‘‘दबाने” की कोशिश कर रही है क्योंकि उन्होंने भाजपा के ‘‘दोहरे मानक” को ‘‘उजागर” कर दिया। चार सांसदों ने चड्ढा पर नियमों का उल्लंघन कर उनकी सहमति के बिना प्रवर समिति के गठन के लिए उनका नाम प्रस्तावित करने का आरोप लगाया है।

राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने उन सांसदों की शिकायतों का संदर्भ देते हुए मामले की जांच के लिए इसे विशेषाधिकार समिति को भेज दिया। चड्ढा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उनके खिलाफ आरोप ‘‘निराधार” हैं। आप सांसद ने कहा कि एक सांसद किसी अन्य सदस्य के नाम को उनकी लिखित सहमति या हस्ताक्षर के बिना प्रवर समिति के लिए प्रस्तावित कर सकता है। चड्ढा ने कहा, ‘‘मैं भाजपा के उन सांसदों के खिलाफ विशेषाधिकार समिति और अदालत का दरवाजा खटखटाऊंगा जिन्होंने मेरे खिलाफ जालसाजी का झूठा आरोप लगाया है।”

आप सांसद ने संवाददाता सम्मेलन में नियम पुस्तिका दिखाते हुए कहा, ‘‘कोई भी सदस्य, सदस्य की लिखित सहमति या हस्ताक्षर के बिना किसी अन्य सदस्य का नाम प्रस्तावित कर सकता है।” नियमों के अनुसार, प्रवर समिति के लिए नाम प्रस्तावित करने के लिए न तो किसी सदस्य की सहमति की आवश्यकता होती है और न ही हस्ताक्षर की। चड्ढा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को ‘‘निराधार” बताते हुए दावा किया कि उनके बारे में जालसाजी करने की ‘‘अफवाह” फैलाई जा रही है।

Related Articles

Back to top button