मध्यप्रदेश
आजादी का अमृत महोत्सव और अमृत सरोवरों का निर्माण

*जल एवं जल स्त्रोतों के संरक्षण और संवर्धन में सरकार के बढते कदम*
*प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का केन्द्रीय राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल आभार व्यक्त*
*(डा.एल.एन. वैष्णव)*
दमोह/जल के बिना सब कुछ शून्य है इसी जल एवं जल स्त्रोंतों के संरक्षण और संवर्धन के लिये भारत सरकार ने एक ऐतीहासिक कदम ही नहीं उठाया अपितु समय सीमा में लक्ष्य को पूरा करने के लिये निर्देश भी जारी कर दिये। आज अधिकांश सरोवरों में जल भरा है अमृत सरोवरों के निर्माण के साथ प्राचीन जल स्त्रोतों को पुष्कर योजना के तहत लिया गया।
*आजादी का अमृत महोत्सव और अमृत सरोवर-*राश्ट्र आज आजादी का अमृत मना रहा है देश के विकास के लिये अनेक आयाम और विषयों को लेकर कार्य चल रहे हैं इसी क्रम में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गत अप्रेल माह में देश के प्रत्येक जिले में कम से कम 75 अमृत सरोवरों के निर्माण करने के लिये लक्ष्य और समय सीमा तय कर निर्देष जारी कर दिये। ज्ञात हो कि पूरे देशमें 50 हजार अमृत सरोवरों के निर्माण का लक्ष्य दिया गया था। इन सरोवरों के निर्माण के लिये कम से कम एक एक एकड भूमि और 10 हजार क्यूविक मीटर पानी भराव की क्षमता होनी चाहिये जबकि इससे अधिक की सीमा नहीं है। यानि इससे अधिक भूमि यदि है तो उस पर बडा सरोवर भी बनाया जा सकता है। देश में इन अमृत सरोवरों के निर्माण पूर्ण हो जाने से 2.57 लाख पंचायतें लाभांवित होंगी। जहां पानी की कमी को पूरा किया जा सकेगा तो वहीं आय के साधनों में वृद्धि होगी।
*दमोह और अमृत सरोवर-*
दमोह जिले में अमृत सरोवरों के निर्माण की बात करें तो यहां पर लक्ष्य से अधिक अर्थात 75 की 97 पर कार्य प्रारंभ किया गया। 83 सरोवर आज जलमग्न दिखलायी देते हैं जबकि 51 अमृत सरोवर पूर्ण हो चुके हैं जिनका भौतिक सत्यापन बाकी है जबकि 28 की सीसी जारी हो चुकी है। कार्य लगातार प्रगति पर है बारिश के कारण कुछ रूकाव हुआ है और तय सीमा दिसम्बर 22 तक लक्ष्य पूर्ण करने की दिषा में लगातार कार्य चल रहा है। बात करें जल भराव की तो 15 लाख 67 हजार घन मीटर पानी इन सरोवरों में भर चुका है।
खेत और जमीन में *पानी,व्यवसाय में वृद्धि-*
दमोह जिले में अमृत सरोवरों के निर्माण से जहां सिंचाई में सहायता मिलेगी तो वहीं 1498 परिवार लाभांवित होंगे। 378 कुयंे,128 बोरबेल,166 हेंडपंप रिचार्ज होंगे। 45 समूह मछली पालन करेंगे जिससे प्रतिबर्श 800 कुण्टल मछली का उत्पादन होगा। 07 अमृत सरोवरों के लिये सिंघाडा उत्पादन के लिये तय किया गया है। देखा जाये तो जहां पानी की समस्या का समाधान होगा तो वहीं ग्रामीणों को रोजगार मिलने से आय में भी वृद्धि होगी।*केन्द्रीय राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने माना आभार-*
भारत सरकार के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दमोह सांसद एवं केन्द्रीय राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने आभार व्यक्त किया है उन्होने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का में आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होने एक एैसी योजना का शुभारंभ किया जो जल एवं जलस्त्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन में एक मील का पत्थर साबित होगी। जहां पूर्व में जल स्त्रोतों को समाप्त कर उन पर भवनों के निर्माण किये गये तो वहीं एक एैसी सोच और भविश्य की चिंता और योजना को लेकर आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान अमृत सरोवरों के निर्माण की यह गाथा एक नया इतिहास रचने जा रही है। केन्द्रीय राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा दमोह जिले में 97 सरोवरों पर कार्य प्रारंभ करके 51 पूर्ण होना प्रसन्नता की बात है उससे भी बडी बात यह है कि 15 लाख 67 हजार घनमीटर पानी का इन सरोवरों में प्रथम बार में एकत्रित होना। लोगों को सिंचाई में सहायता मिलेगी मछली पालन,सिंघाडा उत्पादन से रोजगार मिलेगा और चारों तरफ हरियाली होगी। में एक बार पुनःभारत के प्रधानमंत्री का क्षेत्रवासियों की ओर से आभार व्यक्त करता हुं।
*जल के बिना अब नहीं सूखेंगे कंठ-*जल एवं जल स्त्रोतों संरक्षण और संवर्धन नवीन अमृत सरोवरों के निर्माण के बाद अब किसी पषु पक्षी और मानव के कंठ नहीं सूखेंगे चारों तरफ हरियाली और जल होगा कृषि के साथ अन्य प्रकार के संबधित रोजगारों के कारण आय में वृद्धि होगी।




