ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
मध्यप्रदेश

अशोकनगर विधायक जजपाल सिंह जज्जी के जाति प्रमाण पत्र के मामले में भाजपा नेता की गवाही पूरी

 ग्वालियर। अशोकनगर विधायक जजपाल सिंह जज्जी के जाति प्रमाण पत्र को लेकर हाई कोर्ट में हो रही सुनवाई में मंगलवार को याचिकाकर्ता व भाजपा नेता लड्डूराम कोरी की गवाही पूरी हो गई है।

लड्डूराम कोरी की गवाही दिसंबर से शुरू होकर जुलाई में आकर छह महीने में पूरी हुई है। याचिकाकर्ता के वकील संगम कुमार जैन का कहना है कि लड्डूराम के बाद अब दो अन्य की गवाही होना शेष है, जो बुधवार को होगी।

गौरतलब है कि जजपाल सिंह जज्जी साल 2018 के विधानसभा चुनाव में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित अशोकनगर विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे और जीत गए। इसके बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए।

उनके साथ विधायक जज्जी भी भाजपा में चले गए। उन्होंने 2020 में भाजपा के टिकट से उपचुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उपचुनाव से पहले भाजपा नेता लड्डूराम कोरी ने हाई कोर्ट में लगाई याचिका थी जिसमें कहा कि विधायक जजपाल सिंह जज्जी पंजाब के रहने वाले हैं। उनके पास जिस जाति का प्रमाण पत्र है, वह पंजाब में अनुसूचित जाति की श्रेणी में आता है, लेकिन मध्यप्रदेश में यह जाति सामान्य वर्ग में आती है।

इसलिए जजपाल सिंह को मध्यप्रदेश में आरक्षण नहीं दिया जा सकता है। वह मूल रूप से पंजाब के रहने वाले हैं और इनका प्रमाण पत्र वहीं मान्य होगा।

Related Articles

Back to top button