ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
मध्यप्रदेश

महाकाल मंदिर में बदली दर्शन व्यवस्था, भक्तों को नवनिर्मित टनल से दिया जा रहा प्रवेश

उज्जैन ।  ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में शनिवार से दर्शन व्यवस्था में बदलाव किया गया है। भक्तों को नई टनल के रास्ते मंदिर में प्रवेश दिया गया। यह व्यवस्था परिसर में टनल के अगले हिस्से का काम पूरा होने तक जारी रहेगी। मंदिर समिति द्वारा परिसर में भूमिगत मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। नई टनल को कार्तिकेय मंडपम के नीचे गणेश मंडपम से जोड़ा जा रहा है। मंदिर प्रशासक संदीप कुमार सोनी ने बताया कि अब तक भक्तों को कार्तिकेय मंडपम के रास्ते मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा था। इससे पर्व विशेष पर भीड़ अधिक होने पर परेशानी होती थी। नई भूमिगत टनल निर्माण से एक और विकल्प तैयार हो गया है। अब भक्तों को कार्तिकेय व गणेश मंडपम में अलग-अलग लाइन में दर्शन कराए जा सकते हैं। इन दोनों के लिए निर्गम द्वार भी अलग होंगे। महानिर्वाणी अखाड़ा भवन के समीप वर्तमान निर्गम द्वार से कार्तिकेय मंडपम वाले भक्त बाहर निकल सकते हैं। वहीं गणेश मंडपम वाली टनल मार्ग के लिए आपातकालीन द्वार से नई सुरंग बनाई जा रही है।

जल स्तंभ के पास से बनाया रास्ता

अभी तक दर्शनार्थियों को पुरानी महाकाल टनल से मंदिर के छह नं.गेट से परिसर में होते हुए कार्तिकेय मंडपम में प्रवेश दिया जा रहा था, लेकिन अब परिसर के इसी भाग में खोदाई होनी है। इसलिए श्रद्धालुओं को पुरानी टनल से छह नंबर गेट के आगे नवनिर्मित टनल के बन चुके हिस्से से प्रवेश देकर जल स्तंभ के पास से परिसर में लाया जा रहा है। जल द्वार के पास से नया रास्ता बनाया गया है।

Related Articles

Back to top button