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मध्यप्रदेश

नियमित होने से पहले सेवानिवृति की कगार में संविदा कर्मी  

जबलपुर । मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने बताया कि प्रदेश में लाखों संविदा कर्मचारी विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएँ लगभग १५ से २० वर्षो से विभाग में संविदा नियुक्ति पर देते आ रहे हैं परंतु उन्हे आज दिनांक तक नियमित नहीं किया गया। साथ ही ये संविदा कर्मी सभी विभागों में नियमित कर्मचारियों के समान ही महत्वपूर्ण दायित्वों में पूर्ण निष्ठा से कार्य करते आ रहे है, परंतु वेतन उन्हे समान कार्य समान वेतन के अनुसार या उसके अनुरूप नहीं मिलता जबकि ये संविदा कर्मी अपनी पूरी लगन और मेहनत से ईमानदारी से अपने कार्यों का निर्वहन करते है परंतु उन्हे वे सभी वित्तीय लाभ नहीं मिलते जो नियमित कर्मचारियों को मिलते हैं। शासन-प्रशासन के द्वारा उन्हे समय-समय पर आश्वासन तो मिलता रहा है कि उन्हे अति शीघ्र नियमित किया जाएगा परंतु आज दिनांक तक किसी प्रकार का आदेश जारी नहीं हुआ।इनकी रातों की नींद और दिन का चैन खो गया है अनेक तो रिटायरमेन्ट के नजदीक पहुंच गए है, जिससे वे मानसिक रूप से हताश एवं परेशान और हलाकान हैं कि आखिर विभागों के द्वारा पूरा कार्य उनसे लिया जाता है या यूं कहें कि कई विभागों के कार्य संविदा कर्मचारियों पर ही निर्भर करते हैं परंतु उन्हे वे लाभ नहीं मिलते जो नियमित कर्मचारियों को मिलते हैं, अतः इन्हे नियमित किया जाना चाहिए।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर, धर्मेंद्र परिहार, भास्कर गुप्ता, जी आर झारिया, माधव पाण्डेय, देवराज सिंह, सुल्तान सिंह, अजब सिंह, नितिन तिवारी, विश्वनाथ सिंह, आकाश भील, आदेश विश्वकर्मा, अरविन्द विश्वकर्मा, इमरत सेन, दुर्गेश खातरकर, राकेश मून, दीपक अहिरवार, आदि ने प्रदेश के अति संवेदनशील मुख्यमंत्री से मांग की है कि प्रदेश के संविदा कर्मियों को नियमित किया जाए।

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