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धार। दुर्गम क्षेत्र में बसे आदिवासी समाज के लिए शुरू हुई नदी एंबुलेंस सेवा।

धार. मध्य प्रदेश सरकार ने नई पहल करते हुए धार में नदी एंबुलेंस सेवा की शुरूआत की है. सरकार ने नर्मदा नदी के किनारे बसे आदिवासी इलाकों के लोगों को राहत देने के लिए और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के मकसद से नदी एंबुलेंस सेवा शुरू की है. इसकी शुरूआत धार जिले के कुक्षी से की गई है. नदी एंबुलेंस की सौगात मिलने से नर्मदा किनारे बसे दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र के आदिवासी जनजाति वर्ग को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी. इस नदी एंबुलेंस का लोकापज़्ण करते हुए राज्य सरकार में मंत्री राजवर्धन सिंह ने बताया कि नदी में चलने वाली ये एंबुलेंस 100 किमी के रेडियस की दूरी तय करेगी. यह अलीराजपुर, धार और बड़वानी जिलों में अपने सेवाएं देगी. ज्यादा से ज्यादा ग्रामीणों का इलाज करेगी. इस एम्बुलेंस में प्राथमिक उपचार, 10 ऑक्सीजन सिलेंडर, किट और जरूरी दवाएं हमेशा मौजूद रहेंगी. वहीं मंत्री राजवर्धन सिंह ने बताया कि जहां से इस सेवा को शुरू किया गया है वहां से तीनों राज्यों की सीमा लग रही है इसलिए इससे न केवल मध्य प्रदेश बल्कि गुजरात और महाराष्ट्र के ज़िलों को भी लाभ होगा. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस एंबुलेंस का मुख्य उद्देश्य नर्मदा नदी की तलहटी में बसे हुए लोगों को आसानी से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है. नदी एंबुलेंस तय समयनुसार चलेगी. ये एंबुलेंस बुधवार, गुरुवार को धार जिले के तटों पर रहेगी. शुक्रवार को आलीराजपुर जिले में तो रविवार को सरदार सरोवर के बैक वाटर के गांवों में यह चलाई जाएगी. हफ्ते में लगभग 4 से 5 दिन ये एंबुलेंस चलाई जाएगी. खास बात ये है कि 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली इस एंबुलेंस में हमेशा डॉक्टर मौजूद रहेंगे. जानकारी के अनुसार एमपी सरकार ने नर्मदा नदी के डूब क्षेत्रों में मरीजों के इलाज के लिए नदी एंबुलेंस की शुरुआत की है. नदी एंबुलेंस के जरिए आकस्मिक घटना दुर्घटना होने पर भी प्रभावितों को फौरन डॉक्टर की मदद मिल सकेगी, नदी एंबुलेंस के लिए एक नंबर भी जारी किया जाएगा, जिसे डायल करने पर एंबुलेंस फौरन मौके पर पहुंच जाएगी. इस नदी एंबुलेंस के शुरू होने से आदिवासी जिले के लोगों को बहुत राहत मिलने की उम्मीद

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