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मध्यप्रदेश

रजिस्ट्री के लिए रिश्वत लेते उप-पंजीयक कैमरे में कैद, जांच के आदेश

विदिशा ।   जिले की नटेरन तहसील मुख्यालय पर पदस्थ उप-पंजीयक दीपक अग्रवाल रजिस्ट्री के लिए रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद हो गए। रिश्वत के लिए सौदेबाजी का यह वीडियो इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित होने के बाद जिला पंजीयक शिप्रा सेन ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए है। उन्होंने कहा कि जल्दी ही उप-पंजीयक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नटेरन एसडीएम विजय राय ने बताया कि यह वीडियो एक दिन पहले गुरुवार को जानकारी में आया था। जिसके बाद उन्होंने इस वीडियो की लिखित जानकारी कलेक्टर उमाशंकर भार्गव और जिला पंजीयक शिप्रा सेन को दे दी है। इस वीडियो में उप-पंजीयक अग्रवाल न केवल पैसे मांगते दिखाई दे रहे है बल्कि वे रिश्वत के रेट भी बताते नजर आ रहे है। वे वीडियो में 5 लाख रुपये तक की रजिस्ट्री पर 700 रुपये और इससे अधिक की रजिस्ट्री पर 1200 रुपये लगने की बात कहते सुनाई दे रहे है। जानकारी के अनुसार एक व्यक्ति ने जब रजिस्ट्री कराने के बाद उप पंजीयक को 500 रुपये दिए तो वे 200 रुपये की और मांग करने लगे। जिस पर रजिस्ट्री के आवेदन करने वाले ने कहा कि साहब, ये छोटी से रजिस्ट्री है तो अग्रवाल कहने लगे कि छोटी-बड़ी से कुछ नहीं होता। न किसी से कम और न किसी से ज्यादा। इस पर रजिस्ट्री आवेदक कहता है कि वह 500 रुपये ही दे पाएगा। इसी बातचीत का विडियो इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हो रहा है। रजिस्ट्री के लिए आवेदन करने वाला व्यक्ति कौन है। इसकी अभी जानकारी नहीं मिल पाई है। स्थानीय प्रशासन रजिस्ट्री के आवेदक करने वाले और रिश्वत देने वाले व्यक्ति का पता लगवाने की बात कह रहा है।

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