ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
मध्यप्रदेश

विकास यात्रा बनेगी रिपोर्ट का आधार

भोपाल ।  नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा मैदानी आकलन के आधार पर आगे जमावट करेगी। इसके तहत विकास यात्राओं का भी फीडबैक लेना शुरू कर दिया गया है। इससे विधानसभा सीटों पर विधायकों, हारे नेताओं और मौजूदा मंत्रियों तक के फीडबैक को देखा जाएगा। भविष्य में इन्हीं फीडबैक के आधार पर निर्णय होंग। दरअसल, भाजपा सभी 230 सीटों पर विकास यात्राओं के जरिए फीडबैक भी लेगी, जिससे आने वाले दिनों में संगठनात्मक कामों को लेकर जिम्मेदारियां देने में निर्णय किए जाएंगे। इसका दूरगामी असर टिकटों तक भी दिखेगा।
भाजपा ने 230 सीटों पर अपने सभी कार्यकर्ताटों को लगा दिया है। इसके तहत बूथ स्तर तक की भी रिपोर्ट बनेगी। इसमें विधायक व अन्य स्थानीय नेताओं को लेकर क्या स्थिति बनी इस पर निगाहें हैं। 25 फरवरी के बाद भाजपा का बूथ सशक्तिकरण अभियान चलना है। इसलिए उसके पूर्व ही इनकी रिपोर्ट भी तैयारी होगी। भाजपा के वरिष्ठ नेता अपने प्रवास व दौरे भी इन यात्राओं के बाद शुरू करेंगे।
हर सीट पर भाजपा ने प्रभारी तैनात किए हैं। खास तौर पर हारी हुई 103 सीटों को लेकर सबसे ज्यादा गंभीरता है। भाजपा इन सभी सीटों की जरूरत व स्थानीय नेताओं के समन्वय के हिसाब से आगे टीम तैयार करेगी। गौरतलब है कि अब तक दो सर्वे टिकटों को लेकर हो चुके हैं। अब आगे तीसरा सर्वे भी होना है, लेकिन उसके पूर्व ही यात्राओं का फीडबैक भी रहेगा।
पिछली बार विधानसभा चुनाव हारने के बाद इस बार दावेदारी करने वाले नेताओं पर इस फीडबैक का सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। खास बात ये कि जो बड़े चेहरे चुनाव हारे थे, उनमें से तो कुछ को स्थानीय प्रभाव के कारण टिकट मिल सकता है, लेकिन जो जद्दोजहद वाले चेहरे हैं उनके लिए फीडबैक मायने रखेगा। अभी संगठन के पास कई सीटों पर समन्वय में दिक्कत की शिकायतें हैं। इनसे जुड़े फैसलों पर भी फीडबैक असर डालेगा।

Related Articles

Back to top button