ब्रेकिंग
मुरैना में सैनिकों के राजस्व प्रकरणों को प्राथमिकता से सुलझाने के निर्देश मुरैना आबकारी विभाग की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल, अवैध शराब के कारोबार पर लगाम कसने में नाकाम महकम... मुरैना खाद्य विभाग की लापरवाही उजागर: जनता के स्वास्थ्य से हो रहा है खिलवाड़ मुरैना युवती को प्रेम जाल में फंसाया, दुष्कर्म किया, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल भी तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर
मुरैना

मुरैना नेताओं ने मेला की भूमिका पट्टे करालिऐ और जब से गधों का मेला बंद है ,प्रशासन की लापरवाही की भेंट चढ़ा ऐतिहासिक गधों का मेला

मुरैना के पोरसा मे सैकड़ों सालों से लगता चला आ रहा ऐतिहासिक गधों का मेला प्रशासन की अनदेखी की भेंट चढ़ा ऐतिहासिक गधों का मेला पोरसा में सैकड़ों सालों से पुराने खेरे पर लगता चला रहा था जो प्रशासन की अनदेखी की भेंट चढ़ गया अब गधों का मेला कई सालों से बंद पड़ा है जबकि इस गधों के मेले में प्रजापति समाज एवं धोबी समाज की की बर्षो पुरानी सभी तरह की समस्याओं का समाधान समाज स्थर पर समाज की पंचायत हल करती थी इस मेले में सभी समस्याओं को समाप्त होती थी एवं शादी के रिश्ते इस मेले में तय हुआ करते थे एवं सभी समाज के लोग समाज सुधार की पंचायत करते थे इस गधों के मेले को ग्रहण सन 1985 के आसपास लगा जब पुराने खेरे की मेले बाली जगह को मुख्यमंत्री महोदय ने मेले की जगह का गरीबों को पट्टे दे दीये,,, इसके बाद यह मेला शंकरपुरा की तलैया पर लगना शुरू हुआ जो जगह ना होने से तथा शासन की अनदेखी की भेंट चढ़ गया अब समाज बंधु मेला ना लगने से बेहद दुखी हैं यह मेला 15 दिन तक लगता था इस मेले में प्रतिदिन सैकड़ों की गधौ की बिक्री हुआ करती थी जनपद पंचायत पोरसा के सी ई ओ देवेन्द्र जैन का कहना है कि गधों के मेले के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है मैं दिखाने का प्रयास करूंगा काफी लंबे समय पहले यह मेला बंद हो चुका है इसलिए इस बारे में ज़बाब नहीं दे सकता सीएमओ सुरेंद्र शर्मा का कहना है कि हमारी जानकारी में नहीं है मेला कब लगता था इसका हमारे पास कोई रिकॉर्ड नहीं है नगर पालिका कायम होने से पूर्व यह मेला लगता था इसे संभवतः जनपद पंचायत देखती थी हमारे यहां इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button